शिवनाथ नदी खतरे के निशान के करीब, दुर्ग प्रशासन अलर्ट; SDRF टीम 24 घंटे तैनात

लगातार हो रही भारी बारिश के चलते दुर्ग की शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। जिला प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए मुनादी कराई है और SDRF की रेस्क्यू टीम को 24 घंटे के लिए अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया है।

Jul 6, 2026 - 16:30
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शिवनाथ नदी खतरे के निशान के करीब, दुर्ग प्रशासन अलर्ट; SDRF टीम 24 घंटे तैनात

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

जिला सेनानी नगरसेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं नागेन्द्र कुमार सिंह ने शिवनाथ नदी के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि महमरा एनीकट पर पानी एनीकट के स्तर से लगभग चार फीट ऊपर बह रहा है। वहीं गुरुद्वारा के पास स्थित पुराने पुल पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से केवल पांच फीट नीचे पहुंच चुका है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे सभी तटीय गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी और नालों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने के लिए कहा गया है।

प्रशासन ने ईंट भट्टा संचालकों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने यहां कार्यरत मजदूरों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी प्रकार की जनहानि न हो। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए SDRF दुर्ग की रेस्क्यू टीम को नगरसेना कार्यालय परिसर में 24 घंटे के लिए अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है। रेस्क्यू उपकरणों और आवश्यक संसाधनों के साथ टीम को किसी भी समय राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए तैयार रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाएगा।

जिला सेनानी नागेन्द्र कुमार सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और पुल-पुलियों के आसपास जाने से बचें। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।