बेमेतरा में उर्वरक कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 275 बोरी अवैध यूरिया जब्त

बेमेतरा जिले में उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम जानो में 275 बोरी यूरिया जब्त किया है। कृषि विभाग ने संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया है और गुणवत्ता परीक्षण के लिए नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रशासन ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए अभियान लगातार जारी रखने की बात कही है।

Jul 6, 2026 - 16:16
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बेमेतरा में उर्वरक कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 275 बोरी अवैध यूरिया जब्त

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले में खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल लगातार जिलेभर में निरीक्षण और छापामार कार्रवाई कर रहा है।

इसी अभियान के तहत मिली गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने देवकर तहसील के ग्राम जानो में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही पूरे स्टॉक को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी।

कृषि विभाग ने संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नोटिस के जवाब का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जब्त किए गए उर्वरक के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों तक केवल मानक गुणवत्ता वाला उर्वरक ही पहुंचे।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण और निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता या सहकारी संस्था नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा।

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरक की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी या कालाबाजारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है और शिकायत मिलने पर बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि कहीं उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक कीमत पर बिक्री या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।