शक्ति बाला वेलफेयर फाउंडेशन ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ाया कदम, दो माह का सिलाई प्रशिक्षण शिविर संपन्न
शक्ति बाला वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा रायपुर के गो गांव में दो माह तक संचालित सिलाई प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन हुआ। शिविर का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना था। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई के व्यावहारिक कौशल सिखाए गए, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर जिले के गो गांव में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शक्ति बाला वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो माह का सिलाई प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। फाउंडेशन की अध्यक्ष श्वेता ठाकुर के मार्गदर्शन में 4 अप्रैल 2026 से 4 जून 2026 तक संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और सिलाई से जुड़े व्यावहारिक कौशल सीखे।
संस्था का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। इसी सोच के साथ आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं को सिलाई, कपड़ों की कटिंग, डिजाइनिंग और परिधान निर्माण की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने इस पहल को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताते हुए संस्था के प्रयासों की सराहना की।
फाउंडेशन की अध्यक्ष श्वेता ठाकुर ने बताया कि समाज में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। जब महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होती हैं तो न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि उनके परिवार और समाज का भी विकास होता है। इसी उद्देश्य को लेकर संस्था लगातार महिलाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन कर रही है।
उन्होंने बताया कि यह पहला अवसर नहीं है जब संस्था ने महिलाओं के लिए इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया हो। इससे पहले भी उरकुरा क्षेत्र में सिलाई प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया जा चुका है, जहां कई महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाए थे। उसी अनुभव और सफलता को आगे बढ़ाते हुए गो गांव में यह दो माह का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को केवल सिलाई का कार्य ही नहीं सिखाया गया, बल्कि उन्हें छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करने, ग्राहकों से संपर्क बनाने और अपनी आय बढ़ाने के विभिन्न तरीकों की भी जानकारी दी गई। इससे प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता की समझ भी विकसित करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास दिया है। अब वे घर बैठे सिलाई का कार्य कर अपनी आय बढ़ा सकती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में योगदान दे सकती हैं।
शक्ति बाला वेलफेयर फाउंडेशन का यह प्रयास महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संस्था भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार कर अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की योजना बना रही है। सामाजिक और आर्थिक विकास की इस पहल से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को नई पहचान और नए अवसर मिलने की उम्मीद है।