बारिश से जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जलभराव, डिलीवरी रूम समेत कई वार्डों में घुसा गंदा पानी

जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद नाली का गंदा पानी अस्पताल परिसर में घुस गया। डिलीवरी रूम, जनरल वार्ड और अन्य महत्वपूर्ण कक्षों में जलभराव होने से मरीजों, नवजात शिशुओं और प्रसूताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।

Jul 22, 2026 - 11:54
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बारिश से जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जलभराव, डिलीवरी रूम समेत कई वार्डों में घुसा गंदा पानी

UNITED NEWS OF ASIA. जीके कुर्रे, सक्ती l जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। भारी बारिश के बाद नाली का गंदा पानी अस्पताल परिसर में घुस गया, जिससे डिलीवरी रूम, जनरल वार्ड, स्टोर, इंजेक्शन कक्ष और ड्रेसिंग रूम सहित कई महत्वपूर्ण हिस्सों में घुटनों तक जलभराव हो गया। इस स्थिति से मरीजों, नवजात शिशुओं और प्रसूताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई।

अस्पताल में अचानक पानी भरने से मरीजों और उनके परिजनों के बीच पूरी रात अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। वार्डों में भर्ती मरीजों को सुरक्षित रखने के लिए परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। विशेष रूप से नवजात शिशुओं और प्रसूताओं को संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का प्रयास किया गया।

सबसे अधिक प्रभावित डिलीवरी रूम और जनरल वार्ड रहे, जहां उपचार के दौरान ही पानी भर गया। अस्पताल के कई कमरों में नाली का गंदा पानी पहुंचने से स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई। स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि रातभर हालात बेहद चिंताजनक बने रहे और अस्पताल प्रशासन तत्काल प्रभावी व्यवस्था करने में असहज नजर आया।

जलभराव के कारण अस्पताल के नियमित कार्य भी प्रभावित हुए। इंजेक्शन कक्ष, ड्रेसिंग रूम और स्टोर तक पानी पहुंचने से चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ा। मरीजों के परिजनों ने अपने स्तर पर बेड और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने का प्रयास किया ताकि उपचार कार्य पूरी तरह बाधित न हो।

सुबह होने के बाद सफाईकर्मियों ने अस्पताल परिसर और वार्डों से पानी निकालने का काम शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद जलभराव की स्थिति पर काबू पाया गया, जिसके बाद मरीजों और उनके परिजनों को कुछ राहत मिली। हालांकि अस्पताल में गंदा पानी भरने की घटना ने स्वास्थ्य केंद्र की जल निकासी व्यवस्था और मानसून पूर्व तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर जल निकासी की बेहतर व्यवस्था होना आवश्यक है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अस्पताल में गंदा पानी भरने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से नवजात शिशु, प्रसूताएं और गंभीर मरीज ऐसे वातावरण में अधिक जोखिम में रहते हैं। इसलिए अस्पताल परिसर में स्वच्छता और जल निकासी की व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की जल निकासी व्यवस्था में सुधार, नालियों की नियमित सफाई और मानसून के दौरान विशेष निगरानी की मांग की है। लोगों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।