डंगनिया बाजार लूटकांड का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड सहित दो आरोपी गिरफ्तार, 7 लाख रुपये बरामद

रायपुर पुलिस ने डंगनिया बाजार में 10.26 लाख रुपये की लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 लाख रुपये नगद और वाहन बरामद किया गया।

Jun 10, 2026 - 16:23
Jun 10, 2026 - 16:28
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डंगनिया बाजार लूटकांड का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड सहित दो आरोपी गिरफ्तार, 7 लाख रुपये बरामद

UNITED NEWS OF ASIA. हाशिब अख्तर, रायपुर l रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने डंगनिया बाजार क्षेत्र में हुई बड़ी लूट की वारदात का खुलासा करते हुए संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से लूटी गई 7 लाख रुपये की नगदी और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किया गया है।

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) तथा पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) के सतत् मार्गदर्शन एवं मॉनिटरिंग में की गई। घटना के बाद 72 घंटे तक चले इंटर स्टेट ऑपरेशन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीमों ने आरोपियों तक पहुंच बनाई।

घटना 06 जून 2026 की है, जब प्रार्थी श्रवण साहू, जो टाटीबंध स्थित एक कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है, कंपनी के मालिक के निर्देश पर अग्रसेन चौक स्थित कार्यालय से 10 लाख 26 हजार 500 रुपये लेकर ग्राहक के पास जा रहा था। डंगनिया बाजार में वाहन खड़ा करने के दौरान तीन अज्ञात नकाबपोश आरोपियों ने उसे धक्का देकर बैग लूट लिया और फरार हो गए। बैग में नगदी के साथ बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, आधार और पैन कार्ड भी थे।

घटना की रिपोर्ट पर थाना डी डी नगर में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और थाना डी डी नगर की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण, आसपास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों का गहन अध्ययन किया।

जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी गौरव तिवारी इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड था। उसने कंपनी के लेन-देन की जानकारी पहले से प्राप्त कर अपने साथियों के साथ लूट की योजना बनाई थी। आरोपियों ने लगभग डेढ़ महीने तक रेकी कर यह तय किया कि कार्यालय से निकलने वाले व्यक्ति को निशाना बनाया जाएगा, जो नगदी लेकर बाहर आता है।

पुलिस की तकनीकी जांच और हजारों सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए मुख्य आरोपी गौरव तिवारी और आशीष पांडेय उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया। आशीष पांडेय को उत्तर प्रदेश के भदोही से पकड़ा गया।

पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 7 लाख रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त एक्टिवा वाहन बरामद किया है। वहीं, अन्य फरार तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों को विभिन्न राज्यों में रवाना किया गया है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी गौरव तिवारी पहले भी क्रिकेट सट्टा मामले में जेल जा चुका है। अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी आपराधिक रिकॉर्ड पाए गए हैं।

फिलहाल पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। रायपुर पुलिस ने इस सफल कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है, जिससे शहर में संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण का संदेश गया है।