04 वर्षीय बालक की हत्या मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, 07 माह बाद रायपुर पुलिस को सफलता
थाना आमानाका पुलिस ने 04 वर्षीय बालक की हत्या के मामले में 07 माह से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर पुलिस ने गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना आमानाका क्षेत्र में दर्ज 04 वर्षीय बालक की हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग 07 माह से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई पतासाजी के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
घटना की शुरुआत 01 नवंबर 2025 को हुई थी, जब थाना आमानाका क्षेत्र में 04 वर्षीय बालक मयंक मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। परिजन बच्चे को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना आमानाका में मर्ग क्रमांक 67/2025 धारा 194 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि बालक की मृत्यु गला दबाने से हुई है, जिसे हत्या का मामला माना गया। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने प्रकरण में अपराध क्रमांक 21/2026 धारा 103 बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण तथ्य मिले कि मृतक की मां और आरोपी जयदीप सिंह, उम्र 27 वर्ष, निवासी टाटीबंध, रायपुर के बीच अवैध संबंध थे। आरोपी का मृतक के घर आना-जाना भी था। विवेचना में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी बच्चे को अपने संबंधों में बाधा मानता था, जिसके चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया और घटना के बाद फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पश्चिम जोन के निर्देशन में, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी की तलाश में लगातार तकनीकी सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लंबी तलाश के बाद 10 जून 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
फिलहाल मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। रायपुर पुलिस ने इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।