पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में गो-वंश संरक्षण और सांस्कृतिक आयोजनों पर उठाए अहम सवाल

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने राज्य में गो-वंश संरक्षण एवं संवर्धन, गौशालाओं की स्थिति और सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।

Feb 27, 2026 - 13:01
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पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में गो-वंश संरक्षण और सांस्कृतिक आयोजनों पर उठाए अहम सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की विधायक भावना बोहरा ने राज्य में गो-वंश संरक्षण एवं संवर्धन तथा सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय कलाकारों की सहभागिता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सदन में उठाया। उन्होंने गौशालाओं की मूलभूत सुविधाओं, पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण और निराश्रित गो-वंश के संरक्षण को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।

विधायक भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि राज्य में वर्तमान में पंजीकृत एवं अपंजीकृत गौशालाओं की कुल संख्या कितनी है तथा गो-वंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य सरकार द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि वर्ष 2024-25 में इस मद में कितनी राशि आवंटित एवं व्यय की गई है और गौशालाओं में चारा, पानी, शेड, पशु चिकित्सा तथा नियमित टीकाकरण की व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जा रही है।

इसके लिखित उत्तर में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 135 पंजीकृत तथा 54 अपंजीकृत, कुल 189 गौशालाएं संचालित हैं। गो-वंश संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के माध्यम से गौशालाओं एवं गौधामों का पंजीयन किया जाता है।

मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 में 135 पंजीकृत गौशालाओं को उनकी मांग के अनुरूप कुल 1922.00 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। इसके अतिरिक्त जिला बेमेतरा स्थित आदर्श गौधाम एवं गोकुल ग्राम झालम में संरक्षित पशुधन के लिए 29.75 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

गो-वंश संवर्धन के लिए राज्य सरकार द्वारा पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, शत-प्रतिशत अनुदान पर सांड वितरण योजना तथा उन्नत मादा वत्सपालन योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2024-25 में पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के लिए 3 करोड़ 35 लाख 85 हजार रुपये से अधिक, सांड वितरण योजना के लिए 80.50 लाख रुपये तथा उन्नत मादा वत्सपालन योजना के लिए 249.90 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

गौशालाओं में चारा, पानी, पशु चिकित्सा और टीकाकरण जैसी सुविधाओं के लिए आयोग की क्रियान्वयन समिति से अनुमोदन के पश्चात नियमानुसार अनुदान दिया जाता है। एक वित्तीय वर्ष में प्रति संस्था अधिकतम 25 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। वहीं, सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित गो-वंश की पहचान और संरक्षण के लिए रेडियम पट्टी लगाने तथा गौधाम योजना के माध्यम से संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।

इसके साथ ही भावना बोहरा ने सांस्कृतिक आयोजनों और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग द्वारा आयोजित, जिला स्तर पर आयोजित और अशासकीय संस्थाओं द्वारा प्रायोजित सांस्कृतिक आयोजनों की संख्या कितनी रही तथा इन पर कुल कितना व्यय हुआ।

इस संबंध में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2024-25 में विभाग द्वारा 2662 कार्यक्रम, जिलों द्वारा 52 कार्यक्रम और अशासकीय संस्थाओं द्वारा 504 सांस्कृतिक आयोजन किए गए। इन आयोजनों पर क्रमशः 14 करोड़ 76 लाख 50 हजार 2 रुपये, 3 करोड़ 78 लाख 29 हजार रुपये और 9 करोड़ 87 लाख 59 हजार रुपये व्यय किए गए।

मंत्री ने बताया कि विभागीय आयोजनों में चिन्हारी पंजीकृत कलाकारों को प्राथमिकता दी जाती है, जिसमें 100 प्रतिशत स्थानीय कलाकारों की सहभागिता रहती है, जबकि जिला प्रशासन एवं अशासकीय संस्थाओं द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में कुल व्यय का लगभग 45 प्रतिशत स्थानीय कलाकारों के भुगतान के लिए स्वीकृत किया जाता है।