नगर पंचायत नगरी को नगर पालिका बनाने की उठी मांग, सुशासन तिहार में पहुंचे सर्वाधिक आवेदन

धमतरी जिले के नगरी नगर पंचायत को नगर पालिका परिषद में उन्नत करने की मांग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के दौरान नगरवासियों ने बड़ी संख्या में आवेदन देकर नगर पालिका का दर्जा देने की मांग की। बढ़ती आबादी, व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन विकास की संभावनाओं को देखते हुए स्थानीय लोग इसे क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी बता रहे हैं।

May 30, 2026 - 12:30
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नगर पंचायत नगरी को नगर पालिका बनाने की उठी मांग, सुशासन तिहार में पहुंचे सर्वाधिक आवेदन

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में नगर पंचायत को नगर पालिका परिषद का दर्जा दिए जाने की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के दौरान आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने आवेदन प्रस्तुत कर नगरी को नगर पालिका बनाए जाने की मांग की। प्राप्त आवेदनों में सबसे अधिक आवेदन इसी विषय से संबंधित बताए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों की अपेक्षाएं और विकास की आकांक्षाएं स्पष्ट रूप से सामने आई हैं।

नगरवासियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में नगरी का तेजी से विस्तार हुआ है और यह क्षेत्र लगातार शहरी स्वरूप ग्रहण कर रहा है। धमतरी जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित नगरी न केवल एक महत्वपूर्ण स्थानीय केंद्र है, बल्कि आसपास के कई गांवों और कस्बों के लिए व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र भी बन चुका है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग विभिन्न कार्यों के लिए यहां पहुंचते हैं, जिससे नगर का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार क्षेत्र में जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। बाहरी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है और उद्योगों तथा छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की स्थापना की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। इसके अलावा सिहावा क्षेत्र का पर्यटन स्थल के रूप में तेजी से विकास होने से नगरी की रणनीतिक और आर्थिक महत्ता और अधिक बढ़ गई है।

नगरवासियों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नगर पंचायत की सीमित प्रशासनिक और वित्तीय क्षमता विकास कार्यों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में पर्याप्त नहीं है। यदि नगरी को नगर पालिका का दर्जा मिलता है तो यहां आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन और योजनाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था, बाजार प्रबंधन और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा।

स्थानीय लोगों ने आधुनिक बस स्टैंड, खेल मैदान, चौपाटी, होटल-रेस्टोरेंट, पार्किंग सुविधा और सार्वजनिक स्थलों के विकास की आवश्यकता भी जताई है। उनका कहना है कि नगर पालिका बनने के बाद इन परियोजनाओं को गति मिलेगी और नगरी क्षेत्र एक सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित हो सकेगा।

जानकारी के अनुसार नगर पंचायत प्रशासन ने भी इस मांग को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका में उन्नयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। प्रस्ताव तैयार करने की दिशा में कार्य चल रहा है और जल्द ही इसे जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य शासन को भेजे जाने की संभावना है। प्रस्ताव के आगे बढ़ने के बाद राजपत्र प्रकाशन सहित आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद नगरी में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। पर्यटन, व्यापार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में होने वाले सुधारों से न केवल स्थानीय नागरिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को भी नई दिशा मिलेगी। नगरी को नगर पालिका बनाने की मांग अब क्षेत्र के विकास से जुड़ा प्रमुख मुद्दा बन चुकी है।