बलौदाबाजार में एसएनसीयू बना नवजातों का जीवनदाता, 780 ग्राम के शिशु को मिला नया जीवन

जिला अस्पताल बलौदाबाजार के एसएनसीयू में 780 ग्राम वजन के नवजात शिशु को सफल इलाज के बाद नया जीवन मिला। आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ देखभाल से सैकड़ों बच्चों को लाभ मिल रहा है।

Apr 17, 2026 - 17:43
Apr 17, 2026 - 17:44
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बलौदाबाजार में एसएनसीयू बना नवजातों का जीवनदाता, 780 ग्राम के शिशु को मिला नया जीवन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला अस्पताल में संचालित स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। यहां मातृ-शिशु अस्पताल के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं और नवजातों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे जिले के सैकड़ों परिवारों को राहत मिल रही है।

एसएनसीयू यूनिट में नवजात शिशुओं को निःशुल्क और उन्नत चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। इसका परिणाम यह है कि अब गंभीर मामलों में भी परिजनों को हायर सेंटर या निजी अस्पतालों का सहारा नहीं लेना पड़ रहा है।

हाल ही में इस यूनिट में एक अत्यंत जटिल मामले का सफल उपचार किया गया। समय से पहले जन्मे एक नवजात शिशु का वजन मात्र 780 ग्राम था, जो सामान्य स्थिति से काफी कम माना जाता है। ऐसे मामलों में शिशु का जीवित रहना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सतत निगरानी और समर्पित देखभाल से इस शिशु को नया जीवन मिला।


करीब 68 दिनों तक एसएनसीयू में गहन उपचार और विशेष देखभाल के बाद शिशु का वजन बढ़कर 1 किलो 300 ग्राम हो गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे सुरक्षित रूप से अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह सफलता न केवल चिकित्सा टीम की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का भी प्रमाण है।

सीएमएचओ Dr Rajesh Awasthi ने बताया कि सितंबर 2022 से शुरू हुई इस यूनिट में अब तक सैकड़ों नवजात शिशु स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह यूनिट जिले में शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

वहीं शिशु रोग विशेषज्ञ Dr Roshan Dewangan ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में समय से पूर्व जन्मे 11 गंभीर नवजात शिशुओं को सफल उपचार के माध्यम से पूरी तरह स्वस्थ किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में निरंतर निगरानी, संक्रमण से बचाव और पोषण का विशेष ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है, जिसे एसएनसीयू में प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है।

इस पहल का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिल रहा है, जो महंगे निजी अस्पतालों का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं होते। अब उन्हें अपने जिले में ही बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध हो रहा है।

आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से सुसज्जित यह यूनिट आज जिले के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र बन चुकी है। यह न केवल नवजातों को जीवन दे रही है, बल्कि लोगों के बीच सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत कर रही है।

कुल मिलाकर, बलौदाबाजार का एसएनसीयू स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है, जो हर नवजात को जीवन का एक नया अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।