विधानसभा में विजय शर्मा का बड़ा बयान, नक्सलवाद पर सरकार का संकल्प अटल, बस्तर में विकास की नई शुरुआत

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में केंद्र सरकार के सहयोग पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों और जनभागीदारी के कारण बस्तर में शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने पुनर्वास, सड़क, शिक्षा, बैंकिंग और सुरक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।

Jul 15, 2026 - 12:40
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विधानसभा में विजय शर्मा का बड़ा बयान, नक्सलवाद पर सरकार का संकल्प अटल, बस्तर में विकास की नई शुरुआत

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में केंद्र सरकार के सहयोग के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास और स्थानीय समाज की भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

विजय शर्मा ने कहा कि एक समय बस्तर क्षेत्र देश में नक्सली गतिविधियों का सबसे बड़ा केंद्र था। नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में माओवादी सक्रिय थे, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि नक्सली हिंसा में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की जान गई और कई मामलों में अपराध तक दर्ज नहीं हो पाए थे। अब ऐसे मामलों को दर्ज कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि पहले गांवों में भय का ऐसा माहौल था कि परिवार अपने बच्चों तक को नक्सलियों के हवाले करने को मजबूर हो जाते थे, लेकिन आज वही क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उनके अनुसार नक्सलवाद के खिलाफ सबसे बड़ा बदलाव सरकार की सोच और संकल्प में आया है। सुरक्षा बलों को पूर्ण विश्वास और स्वतंत्रता के साथ कार्य करने का अवसर दिया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नक्सलवाद के मुद्दे पर केवल बयानबाजी से समाधान नहीं निकलता। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सुरक्षा और विकास को साथ लेकर काम किया है। उन्होंने झीरम घाटी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र पर हमला करने वालों को किसी भी रूप में महिमामंडित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने बताया कि गोंड, हल्बा, भतरा, मुरिया और माड़िया समाज के लोगों ने भी आत्मसमर्पण अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इलवद पंचायत योजना के तहत जिन पंचायतों में माओवादी गतिविधियों से जुड़े सभी लोग आत्मसमर्पण कर चुके हैं, वहां एक करोड़ रुपये तक के विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं।

विजय शर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में केंद्रीय सुरक्षा बलों के सहयोग से 118 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। इन कैंपों के माध्यम से अब स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल, आंगनबाड़ी, खेल परिसर और अन्य विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में 70 सुरक्षा कैंपों को "सेवा डेरा" के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्षों से लंबित सड़कों का निर्माण तेजी से पूरा किया गया है। जगरगुंडा और किस्ताराम जैसे क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं, बस सुविधा, आवास योजना और डिजिटल सेवाओं का विस्तार हुआ है। सरकार ने पुनर्वास नीति को भी मजबूत किया है, जिससे आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और सम्मानजनक जीवन का अवसर मिल रहा है।

अपने संबोधन के अंत में विजय शर्मा ने विश्वास जताया कि बस्तर का भविष्य अब हिंसा नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, रोजगार और विकास तय करेगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों और दुष्प्रचार से दूर रहकर विकास की इस नई यात्रा में सहभागी बनने की अपील की।