विधानसभा में ब्लैकलिस्टेड दवाओं पर घमासान, विपक्ष के सवालों पर स्वास्थ्य मंत्री ने दिया जवाब

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में गुजरात में ब्लैकलिस्टेड दवा कंपनी से जुड़े मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने दवा खरीद प्रक्रिया और गुणवत्ता परीक्षण पर सवाल उठाए, जबकि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में खरीदी गई दवा गुजरात में प्रतिबंधित दवा से अलग थी और एहतियातन संबंधित खरीद आदेश पहले ही निरस्त कर दिए गए थे।

Jul 15, 2026 - 12:46
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विधानसभा में ब्लैकलिस्टेड दवाओं पर घमासान, विपक्ष के सवालों पर स्वास्थ्य मंत्री ने दिया जवाब

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन गुजरात में ब्लैकलिस्टेड दवा कंपनी से जुड़ा मामला सदन में गूंजा। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए और दवा खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण तथा मरीजों की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर जवाब मांगा। कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने यह मुद्दा उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से विस्तृत जानकारी मांगी।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी सरकार से सवाल किया कि यदि किसी दवा को गुजरात में गुणवत्ता मानकों पर विफल होने के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था, तो उस कंपनी के संबंध में छत्तीसगढ़ में क्या कदम उठाए गए। उन्होंने पूछा कि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की क्या व्यवस्था है।

अटल श्रीवास्तव ने सदन में पूछा कि क्या मेसर्स यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्मित एस्पिरिन टैबलेट्स को गुजरात में गुणवत्ता मानकों पर विफल होने के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था और क्या इसकी जानकारी छत्तीसगढ़ शासन अथवा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) को प्राप्त हुई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या संबंधित कंपनी को छत्तीसगढ़ में दवा आपूर्ति के आदेश दिए गए और क्या खरीद से पहले अनिवार्य गुणवत्ता परीक्षण कराया गया था।

विधायक ने दवा खरीद प्रक्रिया में अपनाए गए वित्तीय नियमों, भुगतान की गई राशि तथा संभावित अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी भी मांगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को गुणवत्ताहीन दवाएं मिलना गंभीर विषय है और ऐसी स्थिति में जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा कि गुजरात मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड की एस्पिरिन गैस्ट्रो-रेजिस्टेंट टैबलेट्स (75 एवं 150 मिलीग्राम) को गुणवत्ता मानकों पर विफल होने के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था। इस संबंध में कंपनी द्वारा 25 मार्च 2026 को सीजीएमएससी को सूचना दी गई थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में जिस दवा का खरीद आदेश जारी किया गया था, वह एस्पिरिन टैबलेट्स आईपी 75 मिलीग्राम (अनकोटेड टैबलेट) थी, जो गुजरात में प्रतिबंधित गैस्ट्रो-रेजिस्टेंट टैबलेट्स से अलग उत्पाद है। इसलिए दोनों दवाओं को समान नहीं माना जा सकता।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जनहित और एहतियात के तौर पर कंपनी से सूचना मिलने के बाद संबंधित दवा के सभी खरीद आदेश और दर अनुबंध तत्काल निरस्त कर दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सीजीएमएससी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दवाओं का परीक्षण उनकी प्राप्ति के बाद अधिकृत प्रयोगशाला में कराया जाता है। सरकार गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगी और मरीजों को सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।