नकटी के 85 प्रभावित परिवारों के समर्थन में कांग्रेस की न्याय पदयात्रा, राजभवन तक किया मार्च

नवा रायपुर के नकटी गांव में मकान तोड़े जाने से प्रभावित 85 परिवारों के समर्थन में कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में न्याय पदयात्रा निकाली। कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, दो हजार वर्गफीट भूमि आवंटन और उचित मुआवजे की मांग को लेकर राजभवन तक मार्च किया।

Jul 15, 2026 - 12:50
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नकटी के 85 प्रभावित परिवारों के समर्थन में कांग्रेस की न्याय पदयात्रा, राजभवन तक किया मार्च

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। नवा रायपुर के नकटी गांव में मकान तोड़े जाने से प्रभावित परिवारों के समर्थन में कांग्रेस ने बुधवार को न्याय पदयात्रा निकाली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में शुरू हुई यह पदयात्रा नकटी गांव से राजभवन तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और विधायकों ने भाग लिया। कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग उठाई।

करीब 13 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा नकटी गांव से प्रारंभ होकर पीटीएस चौक, माना, फुंडहर चौक, श्रीराम मंदिर (करेंसी टावर), तेलीबांधा और गौरव पथ होते हुए राजभवन पहुंची। पूरे मार्ग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।

कांग्रेस का कहना है कि नकटी गांव के 85 प्रभावित परिवारों को अब तक उचित पुनर्वास नहीं मिला है। पार्टी ने मांग की है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को नकटी गांव में ही दो हजार वर्गफीट भूमि आवंटित की जाए और जिन मकानों को हटाया गया है, उनके नुकसान के अनुरूप उचित मुआवजा दिया जाए। कांग्रेस का आरोप है कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान किए बिना उन्हें विस्थापन का सामना करना पड़ रहा है।

प्रभावित परिवारों ने प्रशासन द्वारा सेक्टर-30 स्थित हाउसिंग बोर्ड के चौथी मंजिल के फ्लैटों में अस्थायी आवास देने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। उनका कहना है कि वे अपने मूल गांव में ही पुनर्वास चाहते हैं। फिलहाल अधिकांश परिवार टेंट और टीन शेड में रहकर जीवन-यापन कर रहे हैं और मूल स्थान पर ही स्थायी पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।

पदयात्रा के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के पैर में मोच आ गई। चोट लगने के कारण वे कुछ दूरी तक पैदल चलने के बाद वाहन में सवार हो गए और यात्रा के साथ आगे बढ़ते रहे। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पदयात्रा को बिना रुके जारी रखा।

उधर, संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरे मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया। यातायात पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी थी। श्रीराम मंदिर (करेंसी टावर) से तेलीबांधा थाना तिराहा तक यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए कुछ समय के लिए सर्विस रोड बंद रखी गई, जबकि महासमुंद से दुर्ग की ओर जाने वाले वाहनों को मुख्य मार्ग से भेजा गया।

कांग्रेस ने कहा है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय, उचित पुनर्वास और मुआवजा नहीं मिलता, तब तक पार्टी उनके समर्थन में संघर्ष जारी रखेगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है और आगे भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।