"ऑपरेशन शंखनाद" से जुड़ा कुख्यात गौ-तस्कर अमजद हजाम ने अपराध छोड़ा, शुरू किया 'बबलू शंख ढाबा'

जशपुर जिले के साईंटांगरटोली के कुख्यात गौ-तस्कर अमजद हजाम उर्फ बबलू ने एसएसपी शशि मोहन सिंह की प्रेरणा से अपराध छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटकर 'बबलू शंख ढाबा' खोला।

Dec 5, 2025 - 12:48
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"ऑपरेशन शंखनाद" से जुड़ा कुख्यात गौ-तस्कर अमजद हजाम ने अपराध छोड़ा, शुरू किया 'बबलू शंख ढाबा'

 UNITED NEWS OF ASIA.योगेश यादव, जशपुर | जिले का साईंटांगरटोली ग्राम लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों, विशेषकर गौ-तस्करी के मामलों के लिए बदनाम रहा है।
अमजद हजाम उर्फ बबलू (उम्र 40 वर्ष) कई वर्षों से गौ-तस्करी में संलिप्त था।
उसके विरुद्ध थाना लोदाम में गौ तस्करी के 03 मामले दर्ज हैं।


पिछले 08 माह से वह पुलिस से फरार था और अलग-अलग राज्यों में छिपकर रहता था।
अंततः जशपुर पुलिस के दबाव में उसने सरेंडर किया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जेल से छूटने के बाद अमजद को बुलाया और अपराध का कोई भविष्य नहीं होने की समझाईश दी।
एसएसपी ने उसे मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जीने की प्रेरणा दी।


अमजद ने अपराधमुक्त जीवन जीने का वचन दिया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निश्चय किया।
अमजद ने छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर अपना नया ढाबा "बबलू शंख ढाबा" खोला।
ढाबा मुख्य मार्ग पर स्थित है और यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है।
04 दिसंबर 2025 को एसएसपी शशि मोहन सिंह ने ढाबा का उद्घाटन किया।
एसएसपी ने बबलू के ढाबा से चाय पी और उसकी कीमत अदा की।
उद्घाटन में आसपास के ग्रामीण, व्यापारी, पुलिस अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


एसएसपी ने ग्रामीणों और युवाओं को अपराध छोड़कर सही रास्ता अपनाने की अपील की।
कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम के दौरान कई युवाओं ने अपराध छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया।
जशपुर पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं बल्कि समाज में सुधार और पुनर्वास के अवसर प्रदान करना है।
अमजद ने कहा कि अब वह अपराध से हमेशा के लिए दूर रहेगा और परिवार का पेट ईमानदारी से पाएगा।
इस कदम को समाज में प्रेरणादायक और सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण माना जा रहा है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि यह प्रयास भविष्य में भी जारी रहेगा और जन-विश्वास को मजबूत करेगा।