नकटी बेदखली मामले में बृजमोहन अग्रवाल का हस्तक्षेप, पुनर्वास से पहले कार्रवाई नहीं करने की बात

रायपुर के नकटी क्षेत्र में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए जारी बेदखली नोटिस के मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उचित पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था के बिना किसी भी परिवार को बेदखल नहीं किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री से चर्चा कर न्यायपूर्ण समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।

Jun 28, 2026 - 13:04
 0  2
नकटी बेदखली मामले में बृजमोहन अग्रवाल का हस्तक्षेप, पुनर्वास से पहले कार्रवाई नहीं करने की बात

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के नकटी क्षेत्र में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए जारी बेदखली नोटिस को लेकर प्रभावित परिवारों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के बाद उनके सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। इस पर सांसद ने आश्वासन दिया कि बिना उचित पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के किसी भी परिवार को बेदखल नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों से चर्चा के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसी भी नागरिक को बेघर करना नहीं है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर पहले भी शासन के समक्ष अपना पक्ष रख चुके हैं और अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा कर सभी प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने का प्रयास करेंगे

सांसद ने प्रभावित ग्रामीणों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक के दौरान उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की स्पष्ट योजना या वैकल्पिक आवास की व्यवस्था तैयार नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई न की जाए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए दूसरा घर नहीं है, उनके हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकास परियोजनाएं आवश्यक हैं, लेकिन उनका उद्देश्य आम नागरिकों को संकट में डालना नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन बनाना जरूरी है, ताकि किसी भी जरूरतमंद परिवार को नुकसान न पहुंचे।

उन्होंने ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों के पास अन्य स्थानों पर आवास उपलब्ध हैं, वे स्वेच्छा से प्रशासन का सहयोग करें, जिससे वास्तव में भूमिहीन और जरूरतमंद परिवारों को पुनर्वास का लाभ प्राथमिकता से मिल सके। उनके अनुसार इससे परियोजना का कार्य भी आगे बढ़ेगा और जरूरतमंद लोगों के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।

सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान ग्रामीणों के साथ संवाद बनाए रखा जाए और किसी भी निर्णय में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा तथा सरकार इस मामले में सकारात्मक और न्यायपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करेगी।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ग्रामीणों ने सांसद पर विश्वास जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि उनके हस्तक्षेप से बेदखली का संकट टलेगा और पुनर्वास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित होगी। विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया कि बृजमोहन अग्रवाल ने पूर्व में भी इस मुद्दे को उठाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित परिवारों के पक्ष में अपना समर्थन दर्ज कराया था।