विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई संदेश नहीं देने पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा, दीपक बैज बोले—आदिवासी विरोधी है भाजपा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा नेताओं और सरकार की ओर से बधाई संदेश नहीं दिए जाने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस को शासकीय स्तर पर नहीं मनाया गया। बैज ने आदिवासी संस्कृति, जल-जंगल-जमीन के अधिकार और आदिवासी समाज की पहचान से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार पर आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया।

Aug 12, 2026 - 16:42
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विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई संदेश नहीं देने पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा, दीपक बैज बोले—आदिवासी विरोधी है भाजपा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भाजपा नेताओं और सरकार की ओर से बधाई संदेश नहीं दिए जाने को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भाजपा के किसी प्रमुख नेता, आदिवासी नेता तथा सरकार की ओर से प्रदेश के आदिवासी समाज के लिए बधाई संदेश जारी नहीं किया गया। कांग्रेस ने इसे आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।

दीपक बैज ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस दुनिया भर के आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति, परंपराओं और अस्मिता को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 से पहले भाजपा नेताओं की ओर से भी इस अवसर पर शुभकामनाएं दी जाती थीं, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।

आदिवासी संस्कृति को लेकर कांग्रेस का आरोप

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस आदिवासी समाज की स्वतंत्र सांस्कृतिक पहचान को स्वीकार नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को उसकी पारंपरिक पहचान से अलग करके केवल वनवासी के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और सभ्यता देश की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत हैं। विश्व आदिवासी दिवस के माध्यम से दुनिया के सामने आदिवासी समाज की पहचान और उसकी समृद्ध परंपराओं को सामने लाने का अवसर मिलता है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने जल, जंगल और जमीन के अधिकार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आदिवासियों के प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार को कमजोर कर रही है और इन संसाधनों को उद्योगपति समूहों के हित में उपयोग करने की कोशिश की जा रही है।

शासकीय स्तर पर आयोजन नहीं होने पर सवाल

दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आबादी में आदिवासी समाज की बड़ी हिस्सेदारी है और प्रदेश की संस्कृति में आदिवासी परंपराओं का महत्वपूर्ण स्थान है। इसके बावजूद विश्व आदिवासी दिवस का शासकीय स्तर पर आयोजन नहीं किया गया, जिसे कांग्रेस ने आदिवासी समाज की उपेक्षा बताया।

उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी सभ्यता और संस्कृति पर गर्व करने का अवसर है। आदिवासी समाज की परंपराएं और जीवनशैली लंबे समय से प्रकृति और पर्यावरण के साथ जुड़ी रही हैं। इस दिन का उद्देश्य आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति और पहचान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा विश्व आदिवासी दिवस को शासकीय स्तर पर नहीं मनाए जाने को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासी समाज को केवल राजनीतिक वोट बैंक के रूप में देखती है। कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान और अधिकारों का सम्मान केवल राजनीतिक घोषणाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सरकार की नीतियों और कार्यों में भी दिखाई देना चाहिए।

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी। प्रेस विज्ञप्ति कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला की ओर से जारी की गई।