मिशन उत्कर्ष में शिक्षा विभाग खुद फेल, प्रश्नपत्र छपाने का बजट नहीं, अडानी के सहारे परीक्षा : कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मिशन उत्कर्ष के तहत 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के पास प्रश्नपत्र छपवाने का बजट नहीं होने के कारण निजी सहयोग से प्रश्नपत्र छपवाए गए और उन पर अडानी का लोगो लगाया गया। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री से प्रश्नपत्र की व्यवस्था, लोगो लगाने और परीक्षा स्थगित होने को लेकर जवाब मांगा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मिशन उत्कर्ष के तहत 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के मंथली टेस्ट की व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के पास विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र छपवाने तक का बजट नहीं है और निजी सहयोग से प्रश्नपत्र तैयार करवाए गए, जिन पर अडानी का लोगो लगाए जाने की बात सामने आई है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की परीक्षा के प्रश्नपत्र पर किसी निजी उद्योग समूह का लोगो होना गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल किया कि क्या राज्य के शिक्षा विभाग की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र भी निजी संस्थानों के सहयोग से छपवाने पड़ रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे में प्रश्नपत्र पर किसी निजी कंपनी का लोगो क्यों लगाया गया, सरकार को इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
मिशन उत्कर्ष की व्यवस्था पर सवाल
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मिशन उत्कर्ष के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता जांचने और पढ़ाई के स्तर में सुधार का दावा किया जा रहा है, लेकिन परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था में ही शिक्षा विभाग के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र की व्यवस्था नहीं होने के कारण परीक्षा स्थगित करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि बच्चों की गुणवत्ता जांचने से पहले सरकार को अपनी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता जांचनी चाहिए। कांग्रेस के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त हैं और कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। कुछ विद्यालयों के एक ही शिक्षक के भरोसे संचालित होने का भी कांग्रेस ने आरोप लगाया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यदि स्कूलों में शिक्षक, भवन और आवश्यक सुविधाओं की कमी बनी हुई है तो केवल परीक्षा और मिशन के नाम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का दावा करना पर्याप्त नहीं है।
शिक्षा मंत्री से चार सवाल
धनंजय सिंह ठाकुर ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से चार सवालों का जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा कि क्या शिक्षा विभाग के पास 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र छपवाने के लिए पर्याप्त बजट नहीं है। सरकारी परीक्षा के प्रश्नपत्र पर अडानी का लोगो लगाए जाने का कारण भी स्पष्ट करने की मांग की गई है।
कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था अब उद्योगपतियों के सहयोग से संचालित होगी और मिशन उत्कर्ष की परीक्षा स्थगित होने की जिम्मेदारी कौन लेगा।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाजपा सरकार से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कमियों को दूर करने की मांग की।