एआई को अपनाने वाले ही करेंगे भविष्य का नेतृत्व: ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को दिया नवाचार का मंत्र

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एआई से डरने के बजाय इसे अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए और नवाचार, उद्यमिता तथा तकनीकी कौशल के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होना चाहिए।

Jun 27, 2026 - 12:58
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एआई को अपनाने वाले ही करेंगे भविष्य का नेतृत्व: ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को दिया नवाचार का मंत्र

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से डरने की नहीं, बल्कि उसे भविष्य के सबसे बड़े अवसर के रूप में अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को तैयार करें, क्योंकि भविष्य का नेतृत्व वही करेगा जो नई तकनीकों को समझकर उनका प्रभावी उपयोग करेगा।

वित्त मंत्री महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (एमएआईसी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन "Artificial Intelligence & Digital Transformation: Opportunities, Challenges and Future Impact" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया तेजी से ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत का गौरवशाली इतिहास भी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार की मजबूत नींव पर आधारित रहा है, जिसके कारण देश लंबे समय तक विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा।

ओ.पी. चौधरी ने कहा कि आज दुनिया की सबसे सफल कंपनियां और उद्यमी नवाचार और तकनीकी सोच के कारण नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। उन्होंने एलन मस्क, एनवीडिया और एप्पल जैसी वैश्विक कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक की शक्ति इतनी बढ़ चुकी है कि कई टेक्नोलॉजी कंपनियों का मूल्यांकन अनेक देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। इसलिए युवाओं को समय रहते तकनीकी बदलावों को समझना और उनके अनुरूप स्वयं को विकसित करना होगा।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "जो एआई को अपनाएगा वही भविष्य का नेतृत्व करेगा, जबकि जो इससे दूर रहेगा वह प्रतिस्पर्धा में पीछे छूट जाएगा।" उन्होंने कहा कि हर नई तकनीक अपने साथ चुनौतियां लेकर आती है, लेकिन उससे कहीं अधिक नए अवसर भी पैदा करती है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए स्वयं को लगातार अपडेट रखें।

वित्त मंत्री ने कहा कि एआई अनेक कार्यों को सरल और तेज बना सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और भावनात्मक जुड़ाव का स्थान कभी नहीं ले सकता। उन्होंने युवाओं को स्वास्थ्य सेवाओं, नर्सिंग और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, जहां मानवीय मूल्यों की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहने, बल्कि स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और आज पूरी दुनिया भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों की क्षमता को स्वीकार कर रही है।

ओ.पी. चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 विजन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047" पर कार्य कर रही है। इसके तहत नवा रायपुर को उभरते तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डेटा सेंटर और ट्रिपल आईटी जैसी अत्याधुनिक परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए कॉलेज प्रबंधन, आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के युवा तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।