किरंदुल में एनएमडीसी स्विमिंग पूल पर विवाद, नगर पालिका उपाध्यक्ष ने अनुमति और भेदभाव के आरोप उठाए

दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में एनएमडीसी द्वारा संचालित स्विमिंग पूल को लेकर विवाद गहरा गया है। नगर पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने जनप्रतिनिधियों के साथ औचक निरीक्षण कर आवश्यक अनुमति, सुरक्षा मानकों और आम नागरिकों के प्रवेश पर सवाल उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

Jun 27, 2026 - 12:52
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किरंदुल में एनएमडीसी स्विमिंग पूल पर विवाद, नगर पालिका उपाध्यक्ष ने अनुमति और भेदभाव के आरोप उठाए

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में एनएमडीसी प्रबंधन द्वारा संचालित स्विमिंग पूल को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। नगर पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ स्विमिंग पूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि स्विमिंग पूल के संचालन से संबंधित आवश्यक प्रशासनिक अनुमति और दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए।

निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि किसी भी सार्वजनिक स्विमिंग पूल के संचालन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों, प्रशासनिक अनुमति, प्रशिक्षित लाइफगार्ड और योग्य प्रशिक्षकों की व्यवस्था अनिवार्य होती है। उनका आरोप है कि इन आवश्यक प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर एनएमडीसी प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि स्विमिंग पूल का उपयोग केवल एनएमडीसी के नियमित कर्मचारियों और उनके बच्चों तक सीमित रखा गया है, जबकि नगर में रहने वाले व्यापारी, ठेकेदार, ठेका श्रमिक, राज्य सरकार के कर्मचारी तथा अन्य स्थानीय नागरिकों को इस सुविधा का लाभ नहीं दिया जा रहा है। उनके अनुसार यह व्यवस्था समाज में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न करती है और नगरवासियों के बीच विभाजन का कारण बन रही है।

बबलू सिद्दीकी ने निरीक्षण के दौरान कहा कि किरंदुल एक "मिनी भारत" है, जहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग वर्षों से सौहार्द के साथ रहते आए हैं। ऐसे में किसी भी सार्वजनिक सुविधा का लाभ केवल एक वर्ग तक सीमित रखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि यह सुविधा नगर क्षेत्र में संचालित हो रही है तो इसका लाभ सभी नागरिकों को समान रूप से मिलना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस विषय को लेकर पहले भी एनएमडीसी प्रबंधन को पत्र लिखकर नियमों में संशोधन की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। दो दिन पहले आयोजित कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था और प्रबंधन को व्यवस्था में बदलाव करने की चेतावनी दी गई थी।

निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल कथित रूप से बिना अनुमति संचालन का आरोप लगाते हुए स्विमिंग पूल पर ताला लगाने की तैयारी के साथ पहुंचा था। इसी दौरान एनएमडीसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर समाधान के लिए समय मांगा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे मामले को उच्च प्रबंधन के समक्ष रखकर उचित समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।

निरीक्षण के बाद नगर पालिका उपाध्यक्ष और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तथा नगर के सभी बच्चों और नागरिकों के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करते हुए स्विमिंग पूल पर ताला लगाने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।