स्वास्थ्य विभाग पर आप का हमला, रीजेंट खरीदी और अंबेडकर अस्पताल टेंडर पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग पर 10 करोड़ रुपये की रीजेंट खरीदी और डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के 700 बिस्तरों वाले नए भवन के निर्माण में हो रही देरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मामले की जांच, अस्पताल निर्माण में तेजी और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, कर्मचारी विंग के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा और प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन सिंह ने प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए रीजेंट खरीदी, हमर लैब योजना और डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के नए भवन के निर्माण में हो रही देरी को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
आप नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी लैब का संचालन एक निजी एजेंसी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जब नई एजेंसी अपनी मशीनों के साथ काम करेगी, तब वर्तमान मशीनों के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का रीजेंट खरीदना उचित नहीं है। पार्टी ने इस खरीदी में अनियमितता और अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रदेश के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित हमर लैब को आगामी महीनों में बंद किए जाने की तैयारी है। पार्टी का कहना है कि यदि ऐसा होता है तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आम नागरिकों को सस्ती और सुलभ जांच सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है। आप नेताओं ने सरकार से हमर लैब व्यवस्था को जारी रखने की मांग की।
आम आदमी पार्टी ने प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के 700 बिस्तरों वाले नए भवन के निर्माण में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले 231 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक अस्पताल भवन बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। उनका आरोप है कि इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि अंबेडकर अस्पताल में प्रतिदिन प्रदेशभर से हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में बेड की कमी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में नए अस्पताल भवन के निर्माण में देरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि 10 करोड़ रुपये की रीजेंट खरीदी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही 700 बिस्तरों वाले अस्पताल भवन के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया तत्काल पूरी कर कार्य शुरू किया जाए, अंबेडकर अस्पताल की वर्तमान स्वास्थ्य सुविधाओं और बेड क्षमता में वृद्धि की जाए तथा हमर लैब को बंद करने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए। पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से इस्तीफा लेने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो जनता के हित में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।