डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल देहारगुड़ा में हर्षोल्लास से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस और हरेली उत्सव
मैनपुर के देहारगुड़ा स्थित डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में विश्व आदिवासी दिवस और हरेली उत्सव पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नृत्य, फैंसी ड्रेस और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने आदिवासी संस्कृति, कृषि और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए। विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l ब्लॉक मुख्यालय मैनपुर से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल देहारगुड़ा में विश्व आदिवासी दिवस और छत्तीसगढ़ के प्रमुख कृषि पर्व हरेली उत्सव को हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में नृत्य, फैंसी ड्रेस और चित्रकला सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को विद्यालय परिसर में किया गया। इसकी शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सुआ, गेड़ी, करमा सहित विभिन्न आदिवासी लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिता में आकांक्षा साहू, कक्षा छठवीं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वैभवी ग्रुप द्वितीय और नेहल ग्रुप तृतीय स्थान पर रहे।
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आदिवासी समाज, किसान, प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ी वेशभूषा धारण कर महत्वपूर्ण संदेश दिए। प्री-प्राइमरी बालक वर्ग में पूर्वांश, कक्षा पहली प्रथम, विराज, कक्षा दूसरी द्वितीय और वात्सल्य, कक्षा नर्सरी तृतीय रहे। बालिका वर्ग में अनन्या, कक्षा पहली प्रथम, वाची सोनी, कक्षा पहली द्वितीय और भावी नेताम, कक्षा केजी-2 तृतीय रहीं।
प्राइमरी बालक वर्ग में रूद्रदेव नेताम, कक्षा तीसरी प्रथम, येआंश ध्रुव, कक्षा तीसरी द्वितीय और निकाक नागेश, कक्षा पांचवीं तृतीय रहे। बालिका वर्ग में आर्या सोनी, कक्षा तीसरी प्रथम, खनक नागेश, कक्षा चौथी द्वितीय और कुंजल ठाकुर, कक्षा पांचवीं तृतीय रहीं।
चित्रकला प्रतियोगिता में बालक वर्ग से रजत राज, कक्षा नवमी प्रथम, नवाज मेमन, कक्षा आठवीं द्वितीय और हिमांशु साहू, कक्षा दसवीं तृतीय रहे। बालिका वर्ग में निकिता प्रधान, कक्षा छठवीं प्रथम, आरूषि नवरत्न, कक्षा ग्यारहवीं द्वितीय और अदिति पटेल, कक्षा नवमी तृतीय रहीं।
हरेली उत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने कृषि उपकरणों कुदाल, फावड़ा और हंसिया की पूजा की। छोटे बच्चों ने मिट्टी के खिलौनों और नीम की टहनियों से घर-आंगन सजाकर पारंपरिक तरीके से हरेली पर्व मनाया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से पौधरोपण भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के संस्था प्रमुख अजय नागेश ने कहा कि आदिवासी समाज हमारी संस्कृति की जड़ है। विश्व आदिवासी दिवस और हरेली जैसे पर्व हमें प्रकृति और कृषि से जोड़ते हैं। ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। शिक्षकों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर लेखराज साहू, राकेश साहू, छत्तर ध्रुव, उत्तम साहू, सौरभ यादव, गरिमा ठाकुर, गीता सोनवानी, कोनिका साहू, गिरधर पटेल, दुष्यंत साहू, रमेश यदु, प्रियंका कौशिक, दुर्गा साहू, ज्योति कश्यप, देविका नेताम, नगमा खातून, चन्द्रध्वज बीसी, प्रहलाद मरकाम, शैलेश यादव, लक्ष्मी बघेल सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।