छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड में ‘आम सूचना’ के नाम पर ₹2500 वसूली का आरोप, रसीद नहीं देने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड में फ्लैट विक्रय से संबंधित ‘आम सूचना’ प्रकाशित कराने के नाम पर ₹2500 लिए जाने और कथित तौर पर रसीद नहीं देने का मामला सामने आया है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए शुल्क के नियम और आदेश सार्वजनिक करने, वसूली की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड में फ्लैट विक्रय से संबंधित प्रक्रिया के दौरान ‘आम सूचना’ प्रकाशित कराने के नाम पर कथित तौर पर ₹2500 वसूले जाने और इसकी रसीद नहीं दिए जाने को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारी संस्था में बिना रसीद नकद राशि लिया जाना गंभीर वित्तीय अनियमितता का विषय है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में फ्लैट विक्रय के लिए आने वाले लोगों से ‘आम सूचना’ के नाम पर ₹2500 लिए जाने की शिकायत सामने आई है। यदि इस तरह की सूचना प्रकाशित कराने के लिए कोई निर्धारित शुल्क है तो उसके संबंध में स्पष्ट नियम, आदेश और अधिकृत रसीद की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि राशि निर्धारित शुल्क के रूप में ली जा रही है तो संबंधित लोगों को इसकी रसीद क्यों नहीं दी जा रही है।
रसीद नहीं देने पर उठे सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राशि लेने के संबंध में सवाल किए जाने पर कर्मचारियों द्वारा संपदा अधिकारी के निर्देश का हवाला दिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि ₹2500 की राशि किस नियम या आदेश के तहत ली जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह शुल्क निर्धारित है तो उसका आदेश सार्वजनिक किया जाना चाहिए और यदि निर्धारित नहीं है तो आम नागरिकों से राशि वसूलने का आधार स्पष्ट होना चाहिए।
सत्यप्रकाश सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि नागरिकों से कथित तौर पर वसूली गई राशि सरकारी खाते में जमा की जा रही है या नहीं। उसका लेखा-जोखा किस स्तर पर रखा जा रहा है, इसकी भी जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी संस्था में नकद राशि लेकर रसीद नहीं देना पारदर्शिता और वित्तीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि ‘आम सूचना’ के नाम पर ₹2500 की वसूली से संबंधित नियम और आदेश की प्रति सार्वजनिक की जाए। जिन लोगों से राशि ली गई है, उन्हें रसीद क्यों नहीं दी गई, इसकी जांच कराई जाए। साथ ही वसूली की राशि सरकारी खाते में जमा हुई या नहीं, इसका भी सत्यापन किया जाए।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि यदि जांच में अनियमित वसूली की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जांच के आदेश देने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि आवास और संपत्ति से जुड़ी सेवाएं देने वाली सरकारी संस्था में नागरिकों को पारदर्शी और नियमबद्ध व्यवस्था मिलनी चाहिए, न कि अतिरिक्त राशि वसूली की शिकायतें सामने आनी चाहिए।