विधायक अजय चंद्राकर के बयान पर यादव समाज में आक्रोश, सार्वजनिक माफी की मांग

विधायक अजय चंद्राकर के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर यादव समाज ने नाराजगी जताई है। यादव ठेठवार समाज छत्तीसगढ़ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ परमानंद यादव ने बयान की निंदा करते हुए सार्वजनिक माफी, बयान वापस लेने और भविष्य में मर्यादित भाषा के प्रयोग की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर समाज ने लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी है।

Aug 22, 2026 - 11:52
Aug 22, 2026 - 11:53
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विधायक अजय चंद्राकर के बयान पर यादव समाज में आक्रोश, सार्वजनिक माफी की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विधायक अजय चंद्राकर के यादव समाज के प्रति दिए गए कथित आपत्तिजनक एवं अशोभनीय बयान को लेकर समाज में आक्रोश है। यादव ठेठवार समाज छत्तीसगढ़ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ परमानंद यादव ने विधायक के बयान की कड़ी निंदा करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यादव समाज स्वाभिमानी समाज है और समाज के सम्मान एवं गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसी भी समाज के प्रति अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। विधायक अजय चंद्राकर को अपने कथित बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए यादव समाज से माफी मांगनी चाहिए।

परमानंद यादव ने कहा कि यादव समाज ने देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज की गरिमा, सम्मान और स्वाभिमान के विरुद्ध किसी भी प्रकार की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से समाज के सभी वर्गों के प्रति सम्मानजनक और मर्यादित भाषा के प्रयोग की अपेक्षा की जाती है।

यादव समाज की ओर से मांग की गई है कि विधायक अजय चंद्राकर सार्वजनिक रूप से यादव समाज से माफी मांगें और कथित आपत्तिजनक एवं अशोभनीय बयान को तत्काल वापस लें। इसके साथ ही भविष्य में समाज के प्रति सम्मानजनक एवं मर्यादित भाषा का प्रयोग करने का लिखित आश्वासन देने की मांग भी की गई है।

परमानंद यादव ने कहा कि यदि समाज की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो यादव समाज लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन सहित व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने समाज के सभी लोगों से शांति, एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि समाज के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सभी को एकजुट रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाएगा और संबंधित पक्ष से उचित कार्रवाई की अपेक्षा करता है।