भाजयुमो मंडल अध्यक्षों की सूची पर आदिवासी प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल, कामू बैगा ने जताई नाराजगी
कबीरधाम के आदिवासी समाज प्रतिनिधि कामू बैगा ने भारतीय जनता युवा मोर्चा की नई मंडल कार्यकारिणी में आदिवासी समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी मंडल अध्यक्ष पद पर आदिवासी युवाओं को अवसर नहीं दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की हाल ही में घोषित मंडल पदाधिकारियों की सूची को लेकर कबीरधाम जिले में राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। आदिवासी समाज प्रतिनिधि कामू बैगा ने संगठन में आदिवासी समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कामू बैगा ने कहा कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी मतदाता होने के बावजूद युवा मोर्चा की नई मंडल कार्यकारिणी में किसी भी आदिवासी युवा को मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं दी गई। उन्होंने इसे आदिवासी समाज की उपेक्षा बताते हुए नाराजगी व्यक्त की।
कामू बैगा ने दावा किया कि कवर्धा विधानसभा के सात मंडलों—कवर्धा शहर, कवर्धा ग्रामीण, बोड़ला, पिपरिया, लोहारा, रेंगाखार और भोरमदेव—में घोषित मंडल अध्यक्षों की सूची में एक भी आदिवासी समाज के प्रतिनिधि को अध्यक्ष पद नहीं दिया गया है।
उन्होंने विशेष रूप से बोड़ला और रेंगाखार जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भी स्थानीय आदिवासी युवाओं को नेतृत्व का अवसर नहीं दिया गया। उनके अनुसार इससे आदिवासी समाज में निराशा का माहौल है।
कामू बैगा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल चुनाव के समय आदिवासी समाज का समर्थन प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, लेकिन संगठनात्मक जिम्मेदारियां देने के समय उन्हें अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज केवल वोट बैंक नहीं है, बल्कि उसे संगठन और नेतृत्व में भी समान भागीदारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा नेतृत्व से संगठनात्मक नियुक्तियों में सामाजिक संतुलन बनाए रखने और आदिवासी समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं की अनदेखी भविष्य में राजनीतिक रूप से असर डाल सकती है।
कामू बैगा ने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूक है तथा वह संगठन और राजनीति में समान अवसर की अपेक्षा रखता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इस प्रकार की उपेक्षा जारी रही तो समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात मजबूती से उठाएगा।
गौरतलब है कि यह बयान कामू बैगा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। समाचार लिखे जाने तक भारतीय जनता युवा मोर्चा या भारतीय जनता पार्टी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।