जीजामगांव नवीन आईटीआई में शुरू हुआ मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड, युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण
धमतरी जिले के जीजामगांव स्थित नवीन शासकीय आईटीआई में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का संचालन शुरू किया गया है। दो वर्षीय पाठ्यक्रम में युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक, बैटरी प्रबंधन, मोटर कंट्रोल, चार्जिंग सिस्टम, सर्विसिंग और फॉल्ट डायग्नोसिस का उद्योग आधारित प्रशिक्षण मिलेगा। प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l जिले के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का प्रथम बैच प्रारंभ किया गया है। यह जीजामगांव आईटीआई का भी पहला प्रशिक्षण सत्र होगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए यह ट्रेड युवाओं के लिए रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के साथ बैटरी प्रबंधन प्रणाली, मोटर कंट्रोल, चार्जिंग सिस्टम, वाहन सर्विसिंग और फॉल्ट डायग्नोसिस सहित विभिन्न आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह ट्रेड वर्तमान में छत्तीसगढ़ के चुनिंदा पांच शासकीय आईटीआई में ही संचालित है। ऐसे में जीजामगांव आईटीआई में इसकी शुरुआत जिले के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते चलन के साथ ई-व्हीकल कंपनियों, अधिकृत सर्विस सेंटर, चार्जिंग स्टेशन, बैटरी सेवा एवं निर्माण इकाइयों तथा ऑटोमोबाइल क्षेत्र में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग बढ़ने की संभावना है। प्रशिक्षण प्राप्त युवा स्वयं का सर्विस सेंटर या अन्य तकनीकी सेवा शुरू कर स्वरोजगार भी स्थापित कर सकेंगे।
जीजामगांव में विकास के साथ बढ़ रहे नए अवसर
जीजामगांव क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ रोजगार, कौशल और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित विभिन्न विकास एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे परिवेश में आधुनिक तकनीकी कौशल से युक्त स्थानीय युवाओं को तैयार करना क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
नवीन आईटीआई भवन के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पिछले माह प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण भी किया था। आईटीआई में नए ट्रेड के संचालन से युवाओं को स्थानीय स्तर पर कौशल प्रशिक्षण मिलेगा और उन्हें बदलती औद्योगिक एवं तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।
जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय आईटीआई कुरूद के प्राचार्य योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए इस नए ट्रेड में प्रवेश लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण युवाओं को रोजगार के बदलते स्वरूप के अनुरूप तैयार करने में सहायक होगा।
आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद नियमानुसार मेरिट एवं चयन सूची जारी कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ट्रेड एवं प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी शासकीय आईटीआई कुरूद से संपर्क कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी थी। इनमें ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना, कुरूद के जीजामगांव में नवीन आईटीआई, करेली बड़ी एवं खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा, कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण, कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा सहित विभिन्न विकास कार्य शामिल थे।