“रिफॉर्म नहीं, रिफ्रेम्ड झूठ है यह बजट” – आम जनता को ठगने का दस्तावेज है बजट 2026-27 : राकेश ठाकुर

दुर्ग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने केंद्र सरकार के बजट 2026-27 को गरीब-विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक बताते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बजट महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और मध्यम वर्ग की समस्याओं से आंख चुराने वाला दस्तावेज है।

Feb 1, 2026 - 18:24
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“रिफॉर्म नहीं, रिफ्रेम्ड झूठ है यह बजट” – आम जनता को ठगने का दस्तावेज है बजट 2026-27 : राकेश ठाकुर

UNITED NEWS OF ASIA.भुवाल रोहिताश, दुर्ग | छत्तीसगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष श्री राकेश ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “रिफॉर्म बजट नहीं बल्कि रिफ्रेम्ड झूठ” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता की पीड़ा से आंख चुराने वाला, कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने वाला और गरीब विरोधी दस्तावेज है।

राकेश ठाकुर ने कहा कि सरकार ने इस बजट में बड़े-बड़े शब्दों और आकर्षक नारों के जरिए आम नागरिक की वास्तविक समस्याओं को छिपाने का प्रयास किया है। देश आज महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और मध्यम वर्ग की टूटती आर्थिक स्थिति जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इन मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नजर नहीं आता।

उन्होंने कहा कि आम जनता को राहत देने के लिए न तो आयकर में कोई वास्तविक छूट दी गई है और न ही रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। सरकार केवल आंकड़ों और घोषणाओं की बाजीगरी कर जनता को भ्रमित कर रही है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि बजट में एआई, डिजिटल इंडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर भारी-भरकम प्रावधान दिखाए जा रहे हैं, लेकिन यह पूरी तरह रोजगारविहीन विकास मॉडल है। युवाओं के लिए न तो स्थायी नौकरियों की कोई ठोस योजना सामने आई है और न ही लंबे समय से बंद पड़ी सरकारी भर्तियों को शुरू करने की कोई मंशा दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा डिग्री लेकर सड़कों पर भटक रहा है, जबकि सरकार केवल भविष्य के सपनों की बातें कर रही है।`

राकेश ठाकुर ने छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल में माइनिंग कॉरिडोर की घोषणा पर भी कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार का असली एजेंडा प्राकृतिक संसाधनों को कॉर्पोरेट कंपनियों के हवाले करना है। इससे आदिवासी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विस्थापन होगा, पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचेगा और स्थानीय लोगों के अधिकारों का हनन होगा। कांग्रेस इस लूट के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए इस बजट में कुछ भी ठोस नहीं है। एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, डीजल और खाद की कीमतों में राहत जैसे अहम मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। यह वही सरकार है जो चुनाव के समय किसानों से बड़े-बड़े वादे करती है और सत्ता में आते ही उन्हें भूल जाती है।

राकेश ठाकुर ने कहा कि मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारी, एमएसएमई सेक्टर और मजदूर वर्ग के लिए भी यह बजट निराशाजनक है। जीएसटी की जटिलताओं, बढ़ती लागत और घटती मांग से जूझ रहे छोटे व्यवसायों को कोई वास्तविक राहत नहीं दी गई है, जिससे आने वाले समय में आर्थिक संकट और गहराने की आशंका है।