विष्णुभोग चावल से हुआ मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का सम्मान, महिला समूहों की मेहनत को मिली सराहना

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विशिष्ट उत्पाद विष्णुभोग चावल से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का सम्मान किया गया। मंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत और जिले की कृषि परंपरा की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार विस्तार पर जोर दिया।

Jul 7, 2026 - 10:56
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विष्णुभोग चावल से हुआ मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का सम्मान, महिला समूहों की मेहनत को मिली सराहना

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की पहचान बन चुके विष्णुभोग चावल ने एक बार फिर जिले को गौरवान्वित किया। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के जिला आगमन पर कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने उन्हें जिले की विशिष्ट कृषि उपज विष्णुभोग चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान केवल एक स्थानीय उत्पाद का नहीं, बल्कि जिले की समृद्ध कृषि परंपरा, महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रतीक भी बना।

इस अवसर पर कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने मंत्री को जानकारी दी कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जिले के महिला स्व-सहायता समूह विष्णुभोग चावल के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन का कार्य कर रहे हैं। अपनी प्राकृतिक सुगंध, उत्कृष्ट गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद के कारण यह चावल प्रदेश के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी लोकप्रिय हो रहा है। इससे महिला समूहों को नियमित आय का स्रोत मिला है और स्थानीय किसानों को भी अपनी उपज का बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहा है।

विष्णुभोग चावल की विशेषताओं से अवगत होने के बाद मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसकी मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का विष्णुभोग चावल जिले की समृद्ध कृषि विरासत और महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत का उत्कृष्ट उदाहरण है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि किसी क्षेत्र की सांस्कृतिक और कृषि पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का प्रभावी माध्यम भी है।

उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए ताकि किसानों और महिला समूहों की आय में लगातार वृद्धि हो सके। स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने एक समाचार पत्र के प्रधान संपादक को भी विष्णुभोग चावल का पैकेट भेंट कर जिले की इस विशेष कृषि उपज से परिचित कराया। इस दौरान जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों, कृषि आधारित उद्यमों और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की भी जानकारी साझा की गई।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मनोज खलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने जिले के इस विशिष्ट उत्पाद की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

विष्णुभोग चावल आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की विशिष्ट पहचान बन चुका है। प्रशासन, किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों के संयुक्त प्रयासों से यह स्थानीय उत्पाद ग्रामीण आजीविका को नई मजबूती देने के साथ-साथ जिले की कृषि विरासत को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। आने वाले समय में इसकी ब्रांडिंग और बाजार विस्तार से क्षेत्र के किसानों और महिला समूहों को और अधिक आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।