गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का विष्णुभोग चावल बना नई पहचान, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने की सराहना
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का पारंपरिक विष्णुभोग चावल अब स्थानीय पहचान के साथ ग्रामीण आजीविका का मजबूत माध्यम बन रहा है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसकी गुणवत्ता और महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार विस्तार पर जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का पारंपरिक विष्णुभोग चावल अब जिले की नई पहचान बनकर उभर रहा है। अपनी प्राकृतिक सुगंध, उत्कृष्ट गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद के कारण यह चावल प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी लोकप्रियता हासिल कर रहा है। जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन के प्रयासों ने इस स्थानीय उत्पाद को नई पहचान दिलाई है।