सहकारिता सप्ताह का भव्य समापन, रायपुर सहकारी बैंक ने कमाया 216 करोड़ का ऐतिहासिक लाभ

रायपुर में सहकारी सप्ताह का भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में सहकारिता एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण किया। समारोह में सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों पर चर्चा हुई और रायपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने 216 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक सकल लाभ की जानकारी साझा की।

Jul 7, 2026 - 10:49
 0  2
सहकारिता सप्ताह का भव्य समापन, रायपुर सहकारी बैंक ने कमाया 216 करोड़ का ऐतिहासिक लाभ

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिसर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित "सहकारी सप्ताह" का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता एवं वन मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत बैंक के संस्थापक पंडित वामन बलीराम लाखे के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद बैंक परिसर में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण किया गया।

समारोह के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। उन्होंने अपने संदेश में सहकारिता क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण बदलावों का उल्लेख करते हुए बताया कि देशभर में 50 हजार पैक्स का ई-पैक्स में रूपांतरण, त्रिभुवन सहकारिता विश्वविद्यालय की स्थापना, दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण श्रृंखला का निर्माण, सहकारी समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करना तथा भारत टैक्सी सेवा जैसी पहलें सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा दे रही हैं।

कार्यक्रम में रायपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपेक्षा व्यास ने बैंक की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2026 तक बैंक ने 216 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक सकल लाभ अर्जित किया है। उन्होंने बैंक द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 682 सहकारी समितियों और 98 डेयरी समितियों में माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही सहकारी समितियों के माध्यम से 32 प्रकार की नागरिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। 12 प्राथमिक सहकारी समितियों द्वारा जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं तथा 10 समितियों के माध्यम से दुर्गम क्षेत्रों में उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी गैस वितरण भी किया जा रहा है। पैक्स के कंप्यूटरीकरण और 132 नई सहकारी समितियों के गठन का कार्य भी पूरा किया गया है।

अपने संबोधन में केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामूहिक विकास का मजबूत माध्यम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पैक्स, डेयरी और मत्स्य पालन सहित लगभग 1300 सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि अब समय मात्रा से अधिक गुणवत्ता आधारित खेती पर ध्यान देने का है।

कार्यक्रम में सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री कनीराम ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद इस क्षेत्र को नई मजबूती मिली है। उन्होंने किसानों को कर्जमुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ सहकारी संस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष केदार नाथ गुप्ता ने भी सहकारिता में पारदर्शिता और कृषि नवाचार की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।

समारोह की अध्यक्षता जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने की। कार्यक्रम में सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में सहकारिता के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक सेवाओं का विस्तार करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया।