डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श युवाओं के लिए प्रेरणा: ओपी चौधरी

रायपुर स्थित शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित व्याख्यान में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, अनुशासन, सकारात्मक सोच और लक्ष्य आधारित जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य पर भी अपने विचार साझा किए।

Jul 7, 2026 - 10:43
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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श युवाओं के लिए प्रेरणा: ओपी चौधरी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर स्थित शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर व्याख्यान एवं युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भारत माता और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया तथा उनके राष्ट्रनिर्माण में दिए गए योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

अपने संबोधन में ओपी चौधरी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग, शिक्षा, सिद्धांतों के प्रति निष्ठा और साहस का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दिया और देश की एकता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान का भी उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।

वित्त मंत्री ने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर परिश्रम से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में लिए गए प्रत्येक निर्णय की जिम्मेदारी स्वयं स्वीकार करनी चाहिए और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं को अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं पर गर्व करने का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्रशासनिक सेवा, प्रतियोगी परीक्षाओं, महिला सशक्तिकरण, व्यक्तित्व विकास और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रश्न पूछे। इनका जवाब देते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का सशक्त माध्यम है। इसके लिए लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासित अध्ययन और सतत मेहनत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी के लिए विशेष योजना के तहत दिल्ली भेज रही है, जिससे उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें।

महिला सशक्तिकरण पर उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने छात्राओं से आत्मविश्वास के साथ उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।

स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों के उत्तर में उन्होंने नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और व्यायाम को सफलता की पहली शर्त बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही व्यक्ति को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शक्ति प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, प्राध्यापकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के उत्कृष्ट स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया तथा अतिथियों का स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवन के प्रति प्रेरित करना रहा।