शिविर के दौरान स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण महिला श्रीमती जया चक्रधारी और श्रीमती सीता बाई को शौचालय निर्माण हेतु 12-12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह राशि मिलते ही दोनों महिलाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। वर्षों से घर में शौचालय निर्माण का सपना देख रही इन महिलाओं के लिए यह सहायता किसी बड़ी राहत से कम नहीं थी।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों के हाथों राशि प्राप्त करने के बाद महिलाओं ने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब वे अपने घर में शौचालय का निर्माण कर सकेंगी, जिससे परिवार को स्वच्छता और सुविधा दोनों मिलेंगी। महिलाओं ने यह भी कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार सीधे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जिससे लोगों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है।
श्रीमती जया चक्रधारी ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। लंबे समय से वे अपने घर में शौचालय बनवाना चाहती थीं, लेकिन आर्थिक परेशानियों के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि अब शासन से मिली प्रोत्साहन राशि के जरिए उनका सपना साकार होगा और वे अपने परिवार के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय का निर्माण करा सकेंगी।
वहीं श्रीमती सीता बाई ने कहा कि आज के समय में हर घर में शौचालय होना बेहद जरूरी है, खासकर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण शौचालय निर्माण नहीं करा पाते। ऐसे में शासन की यह पहल गरीब और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से प्रशासन गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और तत्काल समाधान भी कर रहा है। इससे लोगों में शासन के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी भी दी गई और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य खुले में शौच की समस्या को समाप्त कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। इसी दिशा में दी जा रही प्रोत्साहन राशि जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है।
सुशासन तिहार 2026 के इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि यदि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे, तो ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।