गुंडरदेही में 100 साल पुराने अर्जुन वृक्ष की कटाई पर विवाद, अवैध प्लॉटिंग को लेकर उठे सवाल

बालोद जिले के गुंडरदेही में 100 साल पुराने प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष की कटाई और कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एसडीएम कार्यालय से पेड़ कटाई की अनुमति मिलने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और पर्यावरण संरक्षण की मांग की है।

May 7, 2026 - 11:09
 0  2
गुंडरदेही में 100 साल पुराने अर्जुन वृक्ष की कटाई पर विवाद, अवैध प्लॉटिंग को लेकर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बलोद l छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय में पर्यावरण संरक्षण और भूमि उपयोग नियमों को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। यहां 100 साल पुराने प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष की कटाई और कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पर्यावरण संरक्षण की नीतियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, राजस्व और वन विभाग कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर मुख्य मार्ग किनारे स्थित एक विशाल अर्जुन वृक्ष की कटाई के लिए एसडीएम कार्यालय से अनुमति दी गई है। बताया जा रहा है कि यह पेड़ करीब 100 साल पुराना था और क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रकार के वृक्षों को संरक्षित किया जाना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद कटाई की अनुमति मिलना चिंताजनक है।

लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर पेड़ काटा जा रहा है, वहां लगभग 2 एकड़ भूमि पर बड़े पैमाने पर मिट्टी समतलीकरण का कार्य भी चल रहा है। करीब 3 फीट तक जमीन भराई किए जाने की बात सामने आई है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में यहां किसी बड़े प्रोजेक्ट या प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही है।

इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने इसे “एक पेड़ मां के नाम” जैसे पर्यावरण संरक्षण अभियानों का अपमान बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में किसानों को एक साधारण पेड़ काटने के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जबकि शहरों में बड़े और ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों की कटाई को आसानी से अनुमति मिल जाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।

मामले को लेकर तहसीलदार कोमल कुमार ध्रुव ने बताया कि पेड़ कटाई की अनुमति एसडीएम कार्यालय द्वारा प्रदान की गई है। हालांकि, अनुमति किन आधारों पर दी गई और पर्यावरणीय पहलुओं का कितना ध्यान रखा गया, इसे लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।

इसी बीच गुंडरदेही में कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लॉटिंग का मामला भी चर्चा में आ गया है। आरोप है कि कृषि भूमि पर काली मिट्टी डालकर और मुरूम की सड़कें बनाकर बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए प्लॉटिंग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेरा नियमों की अनदेखी करते हुए भूमि को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की तैयारी चल रही है।

नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र में कृषि भूमि का तेजी से व्यावसायिक उपयोग बढ़ेगा, जिससे पर्यावरण और किसानों दोनों को नुकसान उठाना पड़ेगा।

फिलहाल यह मामला गुंडरदेही में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।