सुपोषण वृक्ष–मुनगा’ बनेगा जनआंदोलन, लक्ष्मी राजवाड़े ने किया व्यापक पौधरोपण का आह्वान
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से वर्षा ऋतु में बड़े पैमाने पर मुनगा पौधरोपण कर ‘घर-घर मुनगा, हर घर सुपोषण’ का संदेश आगे बढ़ाने की अपील की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने और जनस्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने ‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’ अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों से अपील की है कि वर्षा ऋतु के दौरान बड़े पैमाने पर मुनगा (सहजन) का पौधरोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘घर-घर मुनगा, हर घर सुपोषण’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुपोषण की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और हितग्राहियों के घरों में ‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’ लगाने की योजना तैयार की गई है।
मुनगा को पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पौधा माना जाता है। इसकी पत्तियों, फलियों और अन्य भागों में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ए और विटामिन सी जैसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके कारण इसे “मदर ट्री” भी कहा जाता है।
मंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि मुनगा का नियमित सेवन बच्चों, महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के पोषण स्तर को सुधारने में सहायक है। यह शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने के साथ-साथ एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम में भी मदद करता है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वर्षा ऋतु में जल स्रोतों के आसपास, ग्राम पंचायत परिसरों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सार्वजनिक स्थलों और हितग्राहियों के घरों में मुनगा के पौधों का रोपण सुनिश्चित किया जाए। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लोगों में पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सुपोषण की दिशा में एक व्यापक जनआंदोलन बन सकता है। उन्होंने कहा कि जब समाज, सरकार और जनप्रतिनिधि मिलकर कार्य करेंगे, तभी कुपोषण जैसी समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।
उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की और कहा कि ‘‘सुपोषित छत्तीसगढ़’’ का निर्माण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।