जनभागीदारी से साकार हो रहा टीबी मुक्त रायगढ़ का संकल्प, 358 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त

रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी और औद्योगिक संस्थानों के सहयोग से उल्लेखनीय सफलता मिल रही है। जिले की 550 ग्राम पंचायतों में से 358 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अभियान में योगदान देने वाले निक्षय मित्रों को सम्मानित किया।

Jun 18, 2026 - 18:45
Jun 18, 2026 - 18:54
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जनभागीदारी से साकार हो रहा टीबी मुक्त रायगढ़ का संकल्प, 358 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनभागीदारी और संस्थागत सहयोग के माध्यम से क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है। इसी कड़ी में जिला स्तरीय क्षय उन्मूलन कार्यकारिणी की अंतरविभागीय बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर Mayank Chaturvedi ने की।

बैठक के दौरान टीबी उन्मूलन अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले निक्षय मित्रों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज, उद्योगों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अभियान में सहयोग कर रहे सभी निक्षय मित्रों और औद्योगिक संस्थानों की सराहना की।

बैठक में बताया गया कि जिले में कई प्रमुख औद्योगिक संस्थान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। इनमें NTPC लारा, Hindalco Industries, Adani Group, Jindal Steel and Power, सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स, नालवा तथा एसईसीएल जैसे संस्थान शामिल हैं। ये संस्थान उपचाररत टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण सहायता, फूड बास्केट तथा अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रहे हैं।

औद्योगिक संस्थानों द्वारा जांच और उपचार सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लैब तकनीशियनों की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे मरीजों को समय पर जांच और बेहतर उपचार सुविधा मिल सके। यह मॉडल सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के समन्वय का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आया है।

बैठक में टीबी मरीजों की वर्तमान स्थिति, उपचार सफलता दर, निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत भुगतान, टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी तथा टीबी मुक्त पंचायत अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अभियान की उपलब्धियों और आगामी रणनीतियों की जानकारी प्रस्तुत की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि रायगढ़ जिले की कुल 550 ग्राम पंचायतों में से 358 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य विभाग, पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और निक्षय मित्रों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

अधिकारियों ने बताया कि शेष पंचायतों को भी टीबी मुक्त बनाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान, स्क्रीनिंग, समय पर जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मरीजों की शीघ्र पहचान करना और उन्हें पूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया और टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया। रायगढ़ जिले की यह उपलब्धि प्रदेश में टीबी उन्मूलन के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण मानी जा रही है।