बैठक के दौरान सीईओ श्री पोयाम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत निर्धारित सभी 6 इंडिकेटरों को शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर गतिविधियां संचालित करे तथा तय समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करना सुनिश्चित करे।
सीईओ ने यह भी निर्देशित किया कि लक्ष्य की पूर्ति के लिए मैदानी अमले के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब की स्थिति न बने। विशेष रूप से शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाएं और समयबद्ध रूप से प्रगति सुनिश्चित करें।
बैठक में बताया गया कि जिले के बोड़ला विकासखंड को आकांक्षी क्षेत्र के रूप में चयनित करते हुए संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत कई महत्वपूर्ण लक्ष्य तय किए गए हैं।
अभियान के अंतर्गत प्रमुख रूप से निम्नलिखित छह इंडिकेटर निर्धारित किए गए हैं—
1. स्वास्थ्य एवं पोषण –
6 माह से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में आईसीडीएस कार्यक्रम के तहत नियमित पूरक पोषण प्राप्त करने वाले बच्चों के प्रतिशत में वृद्धि।
2. आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण –
आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, नियमित वजन मापन, स्वास्थ्य परीक्षण तथा बच्चों से संबंधित अन्य गतिविधियों को प्रभावी बनाना।
3. स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सुविधा –
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए शौचालय की व्यवस्था।
4. स्वच्छ पेयजल उपलब्धता –
आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना।
5. शिक्षा से जुड़ा आधारभूत ढांचा –
विद्यालयों में छात्राओं के लिए पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय सुविधा सुनिश्चित करना।
6. कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र –
एफएमडी (मुंह-खुर रोग) के विरुद्ध टीकाकृत पशुओं के प्रतिशत में वृद्धि करना।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि इन सभी लक्ष्यों के बीच मौजूद गैप को भरने के लिए संपूर्णता अभियान 2.0 को केंद्र में रखते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। सीईओ ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट तैयार कर जिला पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता तभी संभव है जब विभागीय समन्वय, मैदानी निगरानी और समय पर समीक्षा को गंभीरता से लागू किया जाए। बैठक के दौरान संबंधित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे और उन्हें अपने-अपने कार्यक्षेत्र में परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का उद्देश्य है कि बोड़ला विकासखंड को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता और पशुपालन जैसे बुनियादी क्षेत्रों में पूर्णता की दिशा में अग्रसर किया जाए, जिससे आमजन को योजनाओं का वास्तविक और प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।