दीदी के गोठ में गूंजी आत्मनिर्भर बस्तर की आवाज, लखपति दीदियों का हुआ सम्मान

जगदलपुर में आयोजित 'दीदी के गोठ' के 12वें संस्करण में बस्तर संभाग की हजारों महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया तथा महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से मिली सफलता की कहानियां साझा की गईं।

Jul 10, 2026 - 11:11
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दीदी के गोठ में गूंजी आत्मनिर्भर बस्तर की आवाज, लखपति दीदियों का हुआ सम्मान

UNITED NEWS OF ASIA. जगदलपुर। बस्तर संभाग मुख्यालय स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में गुरुवार को आयोजित 'दीदी के गोठ' के 12वें संस्करण में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। कार्यक्रम में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंची हजारों महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान लखपति दीदियों की सफलता की कहानियों ने महिलाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन के प्रति नया उत्साह पैदा किया।

वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर की मातृशक्ति आज समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त वाहक बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब महिलाएं उनका लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार के साथ समाज को भी आगे बढ़ाने में योगदान दें।

उन्होंने कहा कि बिहान योजना, मध्याह्न भोजन योजना तथा अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर की महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हो रही हैं। आज महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि किसी भी समाज का समग्र विकास महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण पर निर्भर करता है। उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, लखपति दीदी योजना, महतारी वंदन योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।

चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने कहा कि बस्तर की महिलाएं अब केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मुर्गीपालन, बकरीपालन, मत्स्यपालन, सब्जी उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से परिवार की आय बढ़ा रही हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने भी महिलाओं की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में चपका की नीतू झा, सुलेंगा की सुगनी कश्यप और इरपा की हेमबती नाग सहित कई सफल लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रमाण-पत्र और सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। इस दौरान कोंडागांव जिले की नम्रता पटेल ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज और पांच लाख रुपये के ऋण से उन्होंने अपने 'अमृत तुल्य' चाय एवं नाश्ता कैफे का विस्तार किया। आज उनके उद्यम से प्रतिदिन लगभग पांच हजार रुपये की आय हो रही है।

कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सरकारी योजनाओं के सहयोग से उनका जीवन बेहतर हुआ है। संवाद, सम्मान और प्रेरणा से भरपूर यह आयोजन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण तथा आत्मनिर्भर बस्तर के संकल्प को नई मजबूती देने वाला साबित हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।