संजीवनी 108 बनी जीवनदायिनी, स्नेक बाइट पीड़िता और प्रसूता की बचाई जान

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र में संजीवनी 108 एंबुलेंस सेवा दो अलग-अलग मामलों में लोगों के लिए वरदान साबित हुई। एक ओर स्नेक बाइट पीड़िता को समय पर उपचार मिला, वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस टीम की सूझबूझ से प्रसूता की सुरक्षित डिलिवरी कराई गई।

May 14, 2026 - 11:20
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संजीवनी 108 बनी जीवनदायिनी, स्नेक बाइट पीड़िता और प्रसूता की बचाई जान

UNITED NEWS OF ASIA. : हेमंत कुमार, भरतपुर l छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र में राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना “संजीवनी 108” एक बार फिर लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हुई है। बीते दिनों जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र अंतर्गत दो अलग-अलग मामलों में 108 एंबुलेंस सेवा ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए मरीजों की जान बचाई। एक मामले में स्नेक बाइट से पीड़ित महिला को समय पर इलाज मिला, जबकि दूसरे मामले में प्रसूता की सुरक्षित डिलिवरी एंबुलेंस में ही कराई गई।

जानकारी के अनुसार पहला मामला ग्राम घुघरी का है, जहां एक महिला सर्पदंश का शिकार हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन क्षेत्र की लोकेशन मध्यप्रदेश सीमा से जुड़ी होने के कारण सर्वर सेवा भोपाल लोकेशन को टैग कर रही थी। जैसे ही इस बात की जानकारी जीवीके 108 जनकपुर लोकेशन को मिली, टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की।

108 टीम मौके पर पहुंची और स्नेक बाइट से पीड़ित महिला को प्राथमिक उपचार देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर लाया गया। महिला की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए शहीद वीर बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया, जहां आईसीयू में उपचार के बाद महिला की स्थिति में सुधार हुआ और वह स्वस्थ होकर अपने घर लौट गई।

वहीं दूसरा मामला विकासखंड भरतपुर के ग्राम सेमरिया का है, जहां एक गर्भवती महिला को अचानक तेज लेबर पेन शुरू हो गया। परिजनों द्वारा सूचना मिलने पर जनकपुर स्थित ALS 0314 एंबुलेंस टीम को मौके पर भेजा गया। जब टीम गांव पहुंची तो प्रसूता के घर तक वाहन जाने का रास्ता नहीं था। इसके बावजूद एंबुलेंस कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और स्ट्रेचर लेकर घर तक पहुंचे।

टीम ने प्रसूता को सावधानीपूर्वक स्ट्रेचर के माध्यम से मुख्य मार्ग तक पहुंचाया और एंबुलेंस में लाया गया। इसी दौरान महिला की पीड़ा बढ़ने लगी और उसकी हालत गंभीर हो गई। स्थिति को देखते हुए ALS एंबुलेंस टीम ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए एंबुलेंस में ही सुरक्षित डिलिवरी कराई।

108 टीम की तत्परता और अनुभव के चलते जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित रहे। डिलिवरी के बाद दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में भर्ती कराया गया। इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में संजीवनी 108 कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

जनकपुर लोकेशन की 108 टीम ने दोनों मामलों में जिम्मेदारी और सेवा भावना का परिचय दिया। टीम का कहना है कि राज्य शासन और GVK द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से पालन करना ही उनका पहला कर्तव्य है। इन सफल मामलों के बाद क्षेत्र के लोगों ने भी 108 सेवा और टीम की सराहना की है।