भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों की चिंता, ओरमा सरपंच ने तांदुला नदी में पानी छोड़ने की मांग उठाई
बालोद जिले के ग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच मंजूलता साहू ने भीषण गर्मी के बीच पशु-पक्षियों और मवेशियों के लिए तांदुला जलाशय से नदी में पानी छोड़ने की मांग की है। सुशासन त्यौहार के दौरान प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जल संकट से राहत दिलाने की अपील की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के बीच जल संकट अब केवल लोगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पशु-पक्षियों और मवेशियों के लिए भी गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच मंजूलता साहू ने तांदुला जलाशय से तांदुला नदी में पानी छोड़े जाने की मांग उठाई है। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते नदी में पानी नहीं छोड़ा गया तो गर्मी के कारण पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
खपरी में आयोजित सुशासन त्यौहार के दौरान सरपंच मंजूलता साहू ने जिलाधीश के नाम जल संसाधन विभाग को ज्ञापन सौंपा। पत्र क्रमांक 28/सरपंच के माध्यम से उन्होंने प्रशासन का ध्यान क्षेत्र में उत्पन्न जल संकट की ओर आकर्षित कराया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ग्रीष्मकाल के दौरान क्षेत्र में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिसके कारण नदी और आसपास के जलस्रोत सूखने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। इससे पशु-पक्षियों को पानी नहीं मिल पा रहा है और कई जीव-जंतुओं की मौत तक हो रही है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि तांदुला जलाशय से तांदुला नदी में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाए, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ सके। सरपंच का कहना है कि नदी में पानी छोड़े जाने से न केवल पशु-पक्षियों और मवेशियों को राहत मिलेगी, बल्कि आसपास के गांवों में मोटर पंपों का वाटर लेवल भी सुधरेगा। इससे ग्रामीणों को भी पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
मंजूलता साहू ने बताया कि गर्मी के मौसम में सबसे अधिक परेशानी मवेशियों और पक्षियों को होती है। कई बार पानी की कमी के कारण वे दूर-दराज के क्षेत्रों में भटकते रहते हैं। नदी और तालाब सूख जाने से जीव-जंतुओं के सामने जीवन संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तांदुला नदी क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। यदि जलाशय से समय-समय पर पानी छोड़ा जाए तो इससे पूरे क्षेत्र का पर्यावरण संतुलित बना रहेगा। नदी में पानी रहने से भूजल स्तर में भी सुधार होगा और आसपास के किसानों तथा ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
क्षेत्रवासियों ने भी सरपंच की इस मांग का समर्थन किया है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में नदी का जलस्तर काफी नीचे चला जाता है, जिससे जल संकट की स्थिति बन जाती है। लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने और तांदुला जलाशय से नदी में पानी छोड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा, ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में पशु-पक्षियों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।