बालाघाट पुलिस ने वर्ष 2025 में 572 मोबाइल फोन बरामद कर लौटाए, नागरिकों को मिली बड़ी राहत
बालाघाट पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से वर्ष 2025 में कुल 572 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए। अंतिम दिन लगभग 170 मोबाइल फोन नागरिकों को लौटाए गए। पुलिस ने मोबाइल चोरी और साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA.सायमा नाज, बालाघाट | बालाघाट पुलिस ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन नागरिकों को बड़ी राहत दी है। CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस ने इस वर्ष कुल 572 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए और उनके असली मालिकों को लौटा दिए। इन मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 1.10 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, बीते छह महीनों में विशेष अभियान चलाकर 417 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 83 लाख रुपये थी। वहीं, 31 दिसंबर 2025 को वर्ष के अंतिम दिन लगभग 170 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 34 लाख रुपये, नागरिकों को लौटाए गए। इस अभियान के तहत मोबाइल फोन की पहचान और सत्यापन के लिए CEIR पोर्टल का उपयोग किया गया, जिससे चोरी और गुम हुए उपकरणों को उनके मालिकों तक सुरक्षित तरीके से पहुँचाया जा सका।
बालाघाट पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मोबाइल चोरी की घटनाओं को रोकना है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाए, तो तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ। इससे मोबाइल को ब्लॉक कर जल्द रिकवरी की प्रक्रिया को सक्षम किया जा सकता है।
साथ ही पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों से सतर्क रहने की सलाह भी दी। नागरिकों को चेताया गया कि अज्ञात लिंक, APK फाइल या संदिग्ध संदेशों पर कभी भी क्लिक न करें। यह कदम साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है।
बालाघाट पुलिस ने नागरिकों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सतर्क नागरिक – सुरक्षित समाज की कुंजी हैं। इस अभियान के माध्यम से पुलिस ने यह संदेश दिया कि नागरिकों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा पुलिस की प्राथमिकता है।
इस तरह, बालाघाट पुलिस का यह विशेष अभियान वर्ष 2025 का अंतिम और सबसे प्रभावशाली सुरक्षा कदम साबित हुआ। CEIR पोर्टल और सक्रिय पुलिसिंग के माध्यम से गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन को वापस लौटाना न केवल नागरिकों के लिए राहत भरा रहा, बल्कि डिजिटल सुरक्षा के महत्व को भी उजागर किया।