साल्हेवारा में बिना लाइसेंस आइस फैक्ट्री पर छापा, 1 लाख का माल सीज
खैरागढ़ जिले के साल्हेवारा में खाद्य विभाग ने बिना लाइसेंस संचालित आइस फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब 1 लाख रुपये का माल जब्त किया। अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में बनाए जा रहे उत्पादों को सीज कर कार्रवाई की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़। भीषण गर्मी के मद्देनजर खैरागढ़ जिले में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी अभियान के तहत 27 मार्च 2026 को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने वनांचल क्षेत्र के ग्राम साल्हेवारा स्थित ‘नर्मदा आइस फैक्ट्री’ पर आकस्मिक छापेमारी की। इस कार्रवाई में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद फैक्ट्री में मौजूद सामग्री को सीज कर दिया गया।
जांच के दौरान सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि उक्त आइस फैक्ट्री बिना किसी वैध खाद्य अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के संचालित की जा रही थी। यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है, जो सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को दर्शाता है।
फैक्ट्री परिसर की स्थिति भी अत्यंत अस्वास्थ्यकर पाई गई। निरीक्षण के दौरान वहां बड़ी मात्रा में चोकोबार के पैकेट पाए गए, जिन पर न तो बैच नंबर अंकित था और न ही एक्सपायरी डेट। कुल मिलाकर लगभग 5000 पैकेट चोकोबार बरामद किए गए, जिन्हें तीन फ्रीजरों सहित सीज कर दिया गया।
इसके अलावा, मौके पर करीब 3000 ऑरेंज कैंडी भी मिली, जो मानकों के अनुरूप नहीं थी और असुरक्षित मानी गई। खाद्य विभाग की टीम ने इन कैंडी को मौके पर ही नष्ट करा दिया, ताकि इन्हें बाजार में बेचकर लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचाया जा सके।
इस पूरी कार्रवाई में जब्त किए गए खाद्य पदार्थों और सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख रुपये आंकी गई है। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘राजश्री क्रीम मैजिक व्हाइट कस्टर्ड पाउडर’ का विधिक नमूना भी जांच के लिए लिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक फैक्ट्री सभी आवश्यक मानकों और नियमों का पालन नहीं करती, तब तक उसके निर्माण और विक्रय कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
इस छापेमारी कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे सहित विभागीय टीम के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे मामले की बारीकी से जांच की।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के अन्य कारोबारियों को भी चेतावनी दी है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। बिना लाइसेंस या अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
यह कार्रवाई न केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए एक सख्त संदेश है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।