रायगढ़ में सिंघल स्टील परियोजना पर बढ़ा विवाद, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण को लेकर ग्रामीणों की चिंता
रायगढ़ में प्रस्तावित सिंघल स्टील परियोजना को लेकर ग्रामीणों में असमंजस और चिंता बढ़ गई है। भूमि अधिग्रहण, रोजगार, पुनर्वास और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर जनसुनवाई से पहले विरोध और चर्चाएं तेज हो गई हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ | रायगढ़ जिले में प्रस्तावित सिंघल स्टील परियोजना को लेकर आसपास के गांवों में चर्चा और विरोध का माहौल बनता जा रहा है। जनसुनवाई की प्रक्रिया शुरू होने से पहले कई गांवों के ग्रामीणों ने बैठक कर भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, रोजगार और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी औद्योगिक परियोजना से पहले प्रभावित परिवारों को पूरी और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका सवाल है कि यदि किसानों की भूमि अधिग्रहित की जाती है तो भविष्य में स्थानीय लोगों के हितों और आजीविका की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पहले भी कई औद्योगिक परियोजनाओं की घोषणाएं हो चुकी हैं। ऐसे में वे प्रस्तावित परियोजना की समयसीमा, निवेश, रोजगार सृजन और सामाजिक दायित्वों से जुड़ी योजनाओं की स्पष्ट जानकारी चाहते हैं।
रोजगार और पुनर्वास ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परियोजना स्थापित होती है तो प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए तथा उचित मुआवजा और पुनर्वास नीति को सार्वजनिक किया जाए।
ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते औद्योगीकरण के बीच किसी भी नई परियोजना के संभावित प्रभावों का विस्तृत अध्ययन होना चाहिए। जल स्रोतों, कृषि भूमि, वायु गुणवत्ता और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी जनसामान्य के सामने रखी जानी चाहिए।
आगामी जनसुनवाई को लेकर प्रभावित गांवों में लगातार बैठकें और चर्चाएं जारी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी बात प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के सामने मजबूती से रखेंगे तथा परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं पर स्पष्ट जवाब मांगेंगे।
फिलहाल, जनसुनवाई से पहले क्षेत्र में सिंघल स्टील परियोजना को लेकर बहस तेज हो गई है और स्थानीय लोग अपने अधिकारों, आजीविका तथा पर्यावरणीय हितों को लेकर सजग नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों और प्रशासन के बीच होने वाली चर्चा पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।