कोरबा में मौसम का कहर: पेड़ की डाल बनी काल, आंधी-तूफान के बीच 3 किशोरों की दर्दनाक मौत
कोरबा जिले में तेज आंधी, तूफान और बारिश के दौरान पेड़ की भारी डाल गिरने से तीन किशोरों की मौत हो गई। मौसम के कहर से जिलेभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच शनिवार को कोरबा जिले में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी, तूफान, मूसलाधार बारिश तथा कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक दर्दनाक हादसे में तीन किशोरों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
शनिवार दोपहर बाद अचानक मौसम बिगड़ा और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। कई स्थानों पर फ्लाई ऐश और कोयले की धूल का गुबार छा गया। आंधी के कारण जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। शाम से रात तक जिले के अनेक हिस्से अंधेरे में डूबे रहे।
सबसे दर्दनाक घटना पाली थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़गांव के बाईसेमर मोहल्ले में हुई। जानकारी के अनुसार, कमलेश (18 वर्ष), दिनेश तिर्की (17 वर्ष) और शिवराम टेकाम (14 वर्ष) तेज आंधी और बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान तेज हवाओं के कारण पेड़ की भारी डाल टूटकर उनके ऊपर गिर गई।
हादसे में तीनों किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन एक किशोर ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया तथा प्रशासन की ओर से परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया गया।
मौसम की मार केवल इस हादसे तक सीमित नहीं रही। जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं शहर और ग्रामीण इलाकों में जलभराव, बिजली बाधित होने और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। कोरबा सांसद डॉ. ज्योत्सना महंत तथा पूर्व विधायक मोहितराम केरकेट्टा ने शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने की बात कही है।