गांधी उद्यान में फल–फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ, राज्यपाल रमेन डेका ने जैविक कृषि और फ्लोरीकल्चर को बताया भविष्य का आधार
रायपुर के गांधी उद्यान में आयोजित फल–फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी का शुभारंभ राज्यपाल रमेन डेका ने किया। उन्होंने फ्लोरीकल्चर और जैविक कृषि को किसानों की आय बढ़ाने एवं रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बताया। प्रदर्शनी 10 और 11 जनवरी तक आमजन के लिए खुली रहेगी।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | राजधानी रायपुर स्थित गांधी उद्यान में आयोजित फल–फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ आज माननीय राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से संपन्न हुआ। यह प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी, फ्लोरीकल्चर और जैविक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। उद्घाटन अवसर पर महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि सक्सेना, नाबार्ड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक आर. प्रसन्ना, नाबार्ड के सीएमडी डॉ. ज्ञानेद्र मणि तथा छत्तीसगढ़ उद्यानिकी विभाग के अतिरिक्त निदेशक नीरज शाह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि फ्लोरीकल्चर यानी पुष्प उत्पादन आज के समय में अत्यंत लाभकारी और रोजगारोन्मुखी व्यवसाय बन चुका है। उन्होंने रजनीगंधा (ट्यूबरोज) जैसे फूलों की व्यावसायिक खेती की संभावनाओं पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने जैविक उर्वरकों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए रसायन मुक्त कृषि आवश्यक है। उन्होंने चरक संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि “आहार ही औषधि है”, इसलिए जैविक उत्पादों को अपनाना आज की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
उद्घाटन के पश्चात राज्यपाल ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने फूल, फल एवं सब्जी अनुभाग में प्रदर्शित उत्कृष्ट उत्पादों की सराहना की और आयोजन की थीम, प्रस्तुति तथा सजावट को प्रशंसनीय बताया। उन्होंने आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर ‘प्रकृति की ओर’ सोसायटी के अध्यक्ष मोहन वर्ल्यानी ने छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण, शहरी हरियाली और जन-जागरूकता से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र और घड़ी चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को फूलों से सजाने की पहल को लोगों से सराहना मिली है।
समारोह के दौरान प्रदर्शनी की उत्कृष्ट थीम और सफल आयोजन के लिए डॉ. अनिल चौहान को राज्यपाल द्वारा विशेष सम्मान प्रदान किया गया। वहीं डी. के. तिवारी को भी उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के सचिव निर्भय धारीवाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
उल्लेखनीय है कि यह फल–फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी 10 एवं 11 जनवरी को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी, जहां नागरिक विविध प्रजातियों के साथ-साथ आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।