बलरामपुर के कुसमी में पानी विवाद ने लिया हिंसक रूप, युवक पर हमला; कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड के इदरीकला गांव में पानी को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। तौफीक अंसारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्होंने कलेक्टर से न्याय व सुरक्षा की मांग की है।

Apr 20, 2026 - 15:23
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बलरामपुर के कुसमी में पानी विवाद ने लिया हिंसक रूप, युवक पर हमला; कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत इदरीकला में पानी को लेकर हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है। इस घटना में तौफीक अंसारी नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज की जरूरत पड़ी और अब वह न्याय के लिए प्रशासन की शरण में पहुंचा है।

जानकारी के अनुसार, गांव में पानी की समस्या को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ था। इसी मुद्दे को लेकर तौफीक अंसारी और अन्य ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि इसी दौरान इस्लाम अंसारी नामक व्यक्ति ने तौफीक अंसारी पर हमला कर दिया और उसके सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक तौफीक अंसारी गंभीर रूप से घायल हो चुका था। घटना के बाद उसे उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

घटना से आहत तौफीक अंसारी ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

इदरीकला गांव में इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। ग्रामीणों के बीच आपसी तनाव बढ़ गया है और प्रशासन को स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत महसूस हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत समस्या को लेकर बार-बार विवाद हो रहा है, जिसे समय रहते हल नहीं किया गया तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस भी इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी किस तरह गंभीर विवाद का कारण बन सकती है। पानी जैसी आवश्यक जरूरत को लेकर होने वाले झगड़े सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।

फिलहाल प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और क्या गांव में पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकल पाता है या नहीं।