ड्रोन निगरानी से टला बड़ा हादसा, हाथियों के करीब पहुंचने वाले युवकों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायगढ़ जिले के छाल परिक्षेत्र में 52 हाथियों के दल की निगरानी के दौरान वन विभाग की ड्रोन मॉनिटरिंग ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। कुछ युवक आरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश कर दंतैल हाथी के बेहद करीब पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। पूरी घटना ड्रोन कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

Jun 4, 2026 - 19:30
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ड्रोन निगरानी से टला बड़ा हादसा, हाथियों के करीब पहुंचने वाले युवकों पर होगी सख्त कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l जिले के छाल परिक्षेत्र में वन विभाग की सतर्क ड्रोन निगरानी के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। हाथियों के विशाल दल की गतिविधियों पर नजर रखने के दौरान विभाग ने कुछ युवकों को आरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश कर हाथियों के बेहद करीब जाने का प्रयास करते हुए पकड़ा। पूरी घटना ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ के अनुसार यह घटना 28 मई 2026 की शाम की है। उस समय छाल परिक्षेत्र के एडू संगम क्षेत्र के पास 52 हाथियों के बड़े झुंड की गतिविधियों की निगरानी ड्रोन कैमरे के माध्यम से की जा रही थी। इस झुंड में कई मादा हाथियों के साथ उनके शावक भी मौजूद थे, जबकि एक आक्रामक नर दंतैल हाथी भी आसपास विचरण कर रहा था। वन विभाग लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था ताकि किसी भी संभावित खतरे से ग्रामीणों और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ड्रोन फुटेज में एक लाल रंग की मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक आरक्षित वन क्षेत्र की ओर जाते दिखाई दिए। वन अमले द्वारा खतरे की जानकारी और चेतावनी दिए जाने के बावजूद वे जंगल के भीतर प्रवेश कर गए। कुछ दूरी पर दो अन्य युवक भी उनके साथ जुड़ गए और सभी हाथियों की दिशा में आगे बढ़ने लगे।

वन अधिकारियों के अनुसार जिस क्षेत्र में युवक पहुंच रहे थे, वहां हाथियों का बड़ा झुंड मौजूद था। स्थिति उस समय और अधिक संवेदनशील हो गई जब झुंड से अलग एक विशाल दंतैल हाथी युवकों की दिशा में वापस लौटने लगा। इसके बावजूद युवक हाथियों के करीब जाने की कोशिश करते रहे। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि वे वीडियो बनाने, फोटो खींचने या सोशल मीडिया पर साझा करने के उद्देश्य से ऐसा कर रहे थे।

ड्रोन कैमरे की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे अधिकारियों ने युवकों की गतिविधियों को लगातार रिकॉर्ड किया। जब ड्रोन उनके काफी नजदीक पहुंचा तो युवकों को अपनी पहचान उजागर होने की आशंका हुई और वे तत्काल वहां से भाग निकले। वन विभाग का मानना है कि यदि कुछ और देर तक वे उसी क्षेत्र में बने रहते तो हाथी के हमले से गंभीर जनहानि हो सकती थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने बताया कि आरक्षित वन क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(डी) का उल्लंघन है। वहीं वन्यजीवों का पीछा करना, उन्हें उकसाना या उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप करना भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत दंडनीय अपराध है। विभाग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर थाना छाल को भी सूचना भेज दी है।

ड्रोन फुटेज और अन्य फोटोग्राफिक साक्ष्यों के आधार पर युवकों की पहचान कर ली गई है और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे हाथियों और अन्य वन्यजीवों के विचरण क्षेत्र में प्रवेश न करें तथा रोमांच या सोशल मीडिया के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।