आकाशीय बिजली से मृत महिला के परिवार को 24 घंटे में मिली 4.25 लाख की सहायता, कलेक्टर ने घायलों का जाना हाल

एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम चरखर में मनरेगा कार्य के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला श्रमिक की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के परिजनों को 24 घंटे के भीतर 4.25 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने जनकपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

Jun 4, 2026 - 19:36
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आकाशीय बिजली से मृत महिला के परिवार को 24 घंटे में मिली 4.25 लाख की सहायता, कलेक्टर ने घायलों का जाना हाल

UNITED NEWS OF ASIA. हेमंत कुमार, जनकपुर l मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम चरखर में मनरेगा के तहत चल रहे बोल्डर चेकडैम निर्माण कार्य के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से हुई दुखद घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता का परिचय देते हुए राहत और उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की है। घटना में एक महिला श्रमिक की मृत्यु हो गई, जबकि पांच अन्य श्रमिक घायल हो गए थे।

जानकारी के अनुसार ग्राम चरखर निवासी सुशीला बाई रोज की तरह मनरेगा कार्यस्थल पर कार्य कर रही थीं। इसी दौरान अचानक मौसम खराब होने के बीच आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना में पांच अन्य श्रमिक भी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और आवश्यक राहत प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन ने मृतका के परिजनों को प्राकृतिक आपदा प्रबंधन मद से 4 लाख रुपये तथा मनरेगा मद से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करा दी। इस प्रकार परिवार को कुल 4 लाख 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

घटना के बाद एमसीबी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संतन देवी जांगड़े स्वयं जनकपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। उन्होंने उपचाररत घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कलेक्टर ने घायलों को फल वितरित करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती घायल श्रमिकों में लक्ष्मी सिंह, मायावती सिंह, कलावती सिंह और रामबाई शामिल हैं। वहीं गंभीर रूप से घायल सुभद्रा सिंह को बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया है। कलेक्टर ने चिकित्सकीय टीम को निर्देशित किया कि सभी घायलों को आवश्यक उपचार, दवाइयां और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमन सिंह ने कलेक्टर को जानकारी दी कि सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। चिकित्सकीय निगरानी के तहत उन्हें एक-दो दिनों तक ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों और घायलों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। शासन की मंशा के अनुरूप हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जा रही है ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके और घायलों को बेहतर उपचार प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की मदद प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता के लिए इंतजार न करना पड़े।

जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील कार्यशैली ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आपदा की घड़ी में राहत, उपचार और मानवीय सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इससे प्रभावित परिवारों को समय पर संबल मिला है और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।