केरल CM का राहुल गांधी पर हमला, BJP की ‘B-टीम’ बताया; हिमंता का तंज- पाकिस्तान में बनेगी कांग्रेस सरकार
केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें BJP की ‘B-टीम’ बताया। वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विवादित बयान दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. देश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है, खासकर चुनावी माहौल के बीच नेताओं के तीखे हमले सुर्खियों में बने हुए हैं। इसी कड़ी में केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए उन्हें और उनकी पार्टी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ‘B-टीम’ करार दिया।
पिनारयी विजयन ने कहा कि राहुल गांधी एक राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं, लेकिन उनके पास एक आम कार्यकर्ता जितनी भी बुनियादी समझ नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी अपने अनुभवों और गलतियों से भी कोई सीख नहीं लेते हैं। विजयन का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के कई राज्यों में चुनावी सरगर्मी बढ़ी हुई है और राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
विजयन के इस बयान पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विजयन के आरोपों को “बकवास” बताते हुए कहा कि कांग्रेस किसी की ‘B-टीम’ नहीं है, बल्कि केरल में वह खुद ‘A-टीम’ है। थरूर ने कहा कि न तो भाजपा और न ही लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) चाहते हैं कि कांग्रेस सत्ता में आए, लेकिन राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है।
इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए एक विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार भारत में तो नहीं, बल्कि पाकिस्तान या बांग्लादेश में बन सकती है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना भी की है।
केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने भी पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने जा रही है और पार्टी दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। उन्होंने चुनाव आयोग को एक निष्पक्ष संस्था बताते हुए कहा कि अगर किसी को उस पर संदेह है, तो उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
केरल में चुनावी समीकरणों की बात करें तो यहां मुख्य मुकाबला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के बीच माना जा रहा है। शशि थरूर ने भी कहा कि भाजपा राज्य में कोई बड़ा कारक नहीं है और यहां असली लड़ाई UDF और LDF के बीच ही है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ‘बेकार वोट’ देने से बचें और कांग्रेस को समर्थन दें।
असम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार डर की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि जनता को इस माहौल से बाहर निकलने का अवसर मिल रहा है और लोग एक नए असम की कल्पना कर रहे हैं।
इसी बीच, पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने रामनवमी के मौके पर भवानीपुर में रैली निकाली, जबकि तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार प्रतिभा मैती ने ‘सबुज साथी’ योजना के तहत मिली साइकिल से अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की।
कुल मिलाकर, देश के विभिन्न राज्यों में चुनावी माहौल के बीच नेताओं के बयान लगातार तीखे होते जा रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी का यह दौर आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है। अब देखना होगा कि इन बयानों का जनता पर कितना असर पड़ता है और चुनावी नतीजों में यह किस तरह परिलक्षित होता है।