दिल्ली विधानसभा में हंगामा: प्रवेश वर्मा का केजरीवाल पर तीखा हमला, AAP प्रमुख ने किया पलटवार
दिल्ली विधानसभा में मंत्री प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल पर सरकारी आवास में खर्च को लेकर गंभीर आरोप लगाए। वहीं केजरीवाल ने भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पलटवार किया।
UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली विधानसभा में हाल ही में उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला जब मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए। यह विवाद मुख्यमंत्री आवास में किए गए कथित खर्चों को लेकर शुरू हुआ, जिसे लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है।
सदन में बोलते हुए प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल के आवास को “शीशमहल” की तरह तैयार किया गया, जिसमें अत्यधिक महंगे और लग्जरी सामान लगाए गए। उन्होंने एक विस्तृत सूची पेश करते हुए कहा कि जिम उपकरणों से लेकर फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक हर चीज पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। वर्मा ने अपने बयान में केजरीवाल पर तीखा हमला करते हुए कई विवादित टिप्पणियां भी कीं, जिससे सदन का माहौल और गरमा गया।
वर्मा के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास में एक ट्रेडमिल की कीमत लगभग 14 लाख रुपये थी, जबकि डम्बल सेट पर करीब 3 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा स्पिन बाइक, फ्यूजन मशीन और अन्य जिम उपकरणों पर भी भारी रकम खर्च होने का आरोप लगाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि आवास में 88 इंच का टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर कुल मिलाकर लाखों रुपये खर्च किए गए।
फर्नीचर और साज-सज्जा को लेकर भी वर्मा ने कई दावे किए। उन्होंने बताया कि 76 टेबल पर करीब 1.05 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि 8 बेड पर 40 लाख रुपये और कुर्सियों पर 60 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा पर्दों पर 1.5 करोड़ रुपये और कालीन व अन्य सजावटी सामान पर भी भारी खर्च का आरोप लगाया गया।
वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि इन सभी कामों के टेंडर और अनुमान एक ही दिन में पास कर दिए गए, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली की जनता के पैसे का दुरुपयोग है और इसकी जांच होनी चाहिए।
इन आरोपों के जवाब में अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर पलटवार किया। गुजरात में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले कई वर्षों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है और जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी पार्टी या नेता को नहीं, बल्कि खुद के हितों को ध्यान में रखते हुए वोट करें।
केजरीवाल ने दावा किया कि अगर आम आदमी पार्टी को गुजरात में मौका मिलता है, तो वह राज्य को उसी तरह बदल देगी जैसे दिल्ली और पंजाब में किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता और जनता के हित में काम करना है।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने किसानों के लिए घोषित मुआवजा राशि भी सही तरीके से वितरित नहीं की। साथ ही उन्होंने मोरबी और वडोदरा में पुल गिरने जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
इस पूरे विवाद ने दिल्ली से लेकर गुजरात तक सियासी माहौल को गरमा दिया है। एक ओर भाजपा के नेता केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर AAP भाजपा पर जनता के पैसे के दुरुपयोग और वादाखिलाफी के आरोप लगा रही है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप किस दिशा में जाता है और इसका जनता पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, दोनों दल अपने-अपने दावों और आरोपों के साथ चुनावी मैदान में सक्रिय नजर आ रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और भी गर्म होने की संभावना है।