कवर्धा में सड़क पर बोर खनन को लेकर विवाद, वार्ड 09 के निवासियों ने जताया विरोध
कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 09 में सड़क के बीच बोर खनन कराए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने बोर खनन कार्य का विरोध करते हुए इसकी वैधता पर सवाल उठाए हैं। विरोध के दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। मामले की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर मोहल्लेवासियों में नाराजगी है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 09 में सड़क के बीच बोर खनन कराए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ निजी व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक सड़क पर बोर खनन का कार्य कराया गया, जिसका मोहल्ले के लोगों ने विरोध किया। इसके बावजूद कार्य को जारी रखा गया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार बोर खनन का कार्य एक बोरिंग मशीन के माध्यम से किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर खनन किया गया, वह सार्वजनिक उपयोग की सड़क है और वहां इस प्रकार का कार्य किए जाने से भविष्य में आवागमन और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या इस कार्य के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि जब उन्होंने बोर खनन कार्य का विरोध किया तो उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। कुछ लोगों ने दावा किया कि कार्य में शामिल व्यक्तियों ने राजनीतिक और जनप्रतिनिधियों से जुड़े प्रभाव का हवाला देते हुए काम जारी रखा। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसको लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब एक दिव्यांग व्यक्ति ने कथित रूप से बोर खनन कार्य का विरोध करते हुए इसे रोकने की मांग की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसे डराने-धमकाने की कोशिश की गई। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि किसी नागरिक को अपनी बात रखने पर इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़े तो यह चिंताजनक है।
घटना की जानकारी फैलने के बाद देर रात बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने बोर खनन में उपयोग किए जा रहे वाहन का घेराव कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। स्थिति को देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बोर खनन कार्य को तत्काल नहीं रोका गया।
मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक सड़क पर किए गए बोर खनन की वैधता की जांच की जानी चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही दिव्यांग व्यक्ति के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की भी जांच की मांग की गई है।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिक प्रशासन से स्पष्ट जवाब और कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के विवादों से बचा जा सके।