कलेक्टर जनदर्शन में सुनी गई आम जनता की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
बालोद जिले में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने विद्युत मीटर, आवास, भवन निर्माण और राशन कार्ड से संबंधित मांगें रखीं।
UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार आज संयुक्त जिला कार्यालय, बालोद में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर ने आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और मांगों को सुना। उन्होंने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन के दौरान जिले के विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। बालोद विकासखण्ड के ग्राम बिरेतरा निवासी आशाबाई ने अपने घर में विद्युत मीटर लगाने की मांग की, जबकि रानीतराई निवासी बसंतराम ने आवास हेतु भूमि उपलब्ध कराने का आवेदन दिया।
इसी तरह कोबा ग्राम के संजय ने आंगनबाड़ी भवन निर्माण की आवश्यकता बताई। रमतरा निवासी चन्द्रभान ने इलाज हेतु आर्थिक सहायता की मांग रखी, वहीं भोजसिंह और हितेश्वरी ने राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
इसके अलावा अन्नुटोला गांव के ग्रामीणों ने मुक्तिधाम से अतिक्रमण हटाने की समस्या उठाई, जबकि ग्राम भीमाटोला के सरपंच ने स्कूल भवन निर्माण की मांग रखी। डिप्टी कलेक्टर ने सभी आवेदनों को विभागवार चिन्हांकित करते हुए अधिकारियों को शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया।
श्रीमती प्राची ठाकुर ने कहा कि कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य है कि आम नागरिकों की समस्याओं का सीधा समाधान प्रशासनिक स्तर पर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को शासन की योजनाओं की जानकारी भी दी गई ताकि वे अपने अधिकारों और सुविधाओं का समुचित लाभ उठा सकें।
बालोद जिले में हर सप्ताह आयोजित होने वाला कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम जन-प्रशासन के बीच संपर्क और विश्वास का मजबूत माध्यम बन चुका है। इससे न केवल आम जनता की समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी सुदृढ़ हो रही है।