कबीरधाम में शुरू हुआ 4 डिब्बा स्वच्छता अभियान, 15 जुलाई तक हर घर में होगा कचरे का पृथक्करण

कबीरधाम जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चार डिब्बा स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। 15 जुलाई तक प्रत्येक घर में गीले, सूखे, सेनेटरी और हानिकारक कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

Jul 7, 2026 - 17:03
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कबीरधाम में शुरू हुआ 4 डिब्बा स्वच्छता अभियान, 15 जुलाई तक हर घर में होगा कचरे का पृथक्करण

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाना, स्वच्छता के प्रति व्यवहारगत बदलाव लाना और प्रत्येक गांव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाना है। जिला प्रशासन ने 15 जुलाई 2026 तक जिले के प्रत्येक घर में चार डिब्बों की व्यवस्था सुनिश्चित कर स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की जानकारी दे रही है। स्वच्छता दीदियों के सहयोग से ग्रामीणों को गीले, सूखे, सेनेटरी और हानिकारक कचरे को अलग-अलग रखने तथा वैज्ञानिक तरीके से उसके निपटान की जानकारी दी जा रही है। साथ ही प्रत्येक परिवार को नियमित रूप से शौचालय का उपयोग करने और घर का कचरा स्वच्छता दीदियों को ही सौंपने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

अभियान के तहत प्रत्येक घर में चार रंगों के डिब्बों की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गीले कचरे के लिए हरा, सूखे कचरे के लिए नीला, सेनेटरी कचरे के लिए लाल चिन्हित तथा हानिकारक कचरे के लिए काला डिब्बा रखने की समझाइश दी जा रही है। जिला प्रशासन ने बताया है कि 15 जुलाई से स्वच्छता दीदियां घर-घर जाकर पृथक-पृथक कचरे का संग्रहण करेंगी तथा इसकी नियमित निगरानी और सत्यापन भी किया जाएगा।

ग्रामीणों को यह भी बताया जा रहा है कि खुले में कचरा फेंकने वालों पर ग्राम पंचायत द्वारा 500 रुपये से 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जैविक कचरे से खाद बनाने के लिए वेस्ट टू वेल्थ की अवधारणा को बढ़ावा देते हुए वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा ग्रे वाटर के सुरक्षित निपटान के लिए सोख्ता गड्ढों तथा ब्लैक वाटर प्रबंधन के लिए सेप्टिक टैंक और सोख्ता गड्ढों के निर्माण की जानकारी भी ग्रामीणों को दी जा रही है।

जिले की 60 ग्राम पंचायतों में वॉल पेंटिंग, नारा लेखन, चौपाल, ग्राम सभा, महिला स्व-सहायता समूहों की बैठक, विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम और घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश पहुंचाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, पंचायत सचिवों, स्व-सहायता समूहों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा है कि सामूहिक प्रयासों से कबीरधाम को 2 अक्टूबर 2026 तक ओडीएफ प्लस जिले के रूप में विकसित करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।